Tag: Hindi Poems
तरह तरह के हिन्दू Tarah tarah ke hindu सारे हिन्दू हिन्दू नहीं होते जो हिन्दू नहीं होते वे भी हिन्दू होते हैं क्योंकि वे मुसलमान नहीं होते लंगोट …
गुलामी Gulami मनुष्य के कल्याण के लिए पहले उसे इतना भूखा रखो कि वह औऱ कुछ सोच न पाए फिर उसे कहो कि तुम्हारी पहली ज़रूरत रोटी है जिसके …
बिखरना Bikharana कुछ भी रचो सबके विरूद्ध होता है इस दुनिया में जहाँ सब सहमत हैं क्या होते हैं मित्र कौन होते हैं मित्र जो यह ज़रा-सी बात नहीं …
स्वीकार Swikar तुममें कहीं कुछ है कि तुम्हें उगता सूरज, मेमने, गिलहरियाँ, कभी-कभी का मौसम जंगली फूल-पत्तियाँ, टहनियाँ – भली लगती हैं आओ उस कुछ को हम दोनों प्यार …
सुकवि की मुश्किल Sukavi ki mushkil ये और आया है एक हल्ला, जो बच सकें तो कहो कि बचिए जो बच न पायें तो क्या करूँ मैं, जो बच …
जिन्हें प्रेम नसीब नहीं हुआ Jinhe prem nasib nahi hua जिन्हें प्रेम नसीब नहीं हुआ उन्हें रसायनशास्त्र से प्रेम नहीं हुआ उनके हाथ लगा रसायनशास्त्र जैसे जीवशास्त्र पढ़ते …
चढ़ती स्त्री Chadhti Stri बच्चा गोद में लिए चलती बस में चढ़ती स्त्री और मुझमें कुछ दूर घिसटता जाता हुआ।
दृश्य Drishya बंदूकें मकान की तरफ़ मकानों में लोग सड़क पर एक एंबुलेंस, एक लाश गाड़ी और एक पुलिस वैन