उठा लो
Utha lo
आत्मा का यह फूल
जो तूफ़ान के थपेड़े से
धूल में गिर गया है
उठा लो इसे
चुनना तो
वृंत पर से
हो सकता था
मगर अब वह
वृंत पर नहीं
धूल पर है
उठा लो
आत्मा का यह फूल
धूल पर से
धूल को
वृंत की तरह
दुख भी नहीं होगा
और चुने जाने का दर्द
नहीं होगा फूल को
उठा लो
आत्मा का यह फूल
जो तूफ़ान के थपेड़े से
धूल में गिर गया है!
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