Category: Hindi Poems
जनम ले रहा है एक नया पुरुष-3 Janam le raha he ek naya purush – 3 मृत्यु का क्या! वह तो मुहल्ले की लड़की है! आगे नाथ, न …
तुक्तक और मुक्तक Tuktak aur muktak (आत्मकथा की झाँकी) मैं जिसका पट्ठा हूँ उस उल्लू को खोज रहा हूँ डूब मरूँगा जिसमें उस चुल्लू को खोज रहा हूँ ।।
जनम ले रहा है एक नया पुरुष-2 Janam Le raha hai ek naya purush – 2 महाकाल सृष्टि का नौवाँ महीना है, छत्तीसवाँ महीना मेरे भीतर कुछ चल रहा …
परिणति Parinati उस दिन भी ऐसी ही रात थी। ऐसी ही चांदनी थी। उस दिन भी ऐसे ही अकस्मात्, हम-तुम मिल गए थे। उस दिन भी इसी पार्क की …
जनम ले रहा है एक नया पुरुष-1 Janam le raha he ek nahya purush -1 सृष्टि की पहली सुबह थी वह! कहा गया मुझसे तू उजियारा है धरती …
तुक की व्यर्थता Tuk ki Vyarthta दर्द दिया तुमने बिन माँगे, अब क्या माँगू और? मन के मीत! गीत की लय, लो, टूट गई इस ठौर गान अधूरा रहे …
समाधि लेख Samadhi lekh रस तो अनंत था, अंजुरी भर ही पिया, जी में वसंत था, एक फूल ही दिया। मिटने के दिन आज मुझको यह सोच है, कैसे …
पथहीन Pathheen कौन सा पथ है? मार्ग में आकुल – अधीरातुर बटोही यों ही पुकारा कौन सा पथ है? महाजन जिस ओर जाएं – शास्त्र हुंकारा अंतरात्मा ले चले …