Category: Hindi Poems
मेरे पिता को कभी किसी द्वंद्व ने नहीं घेरा Mere pita ko kabhi kisi dwandh ne nahi ghera मेरे पिता को कभी किसी द्वंद्व ने नहीं घेरा जैसे …
ग़रीबी Garibi हम ग़रीबी हटाने चले और उस समाज में जहाँ आज भी दरिद्र होना दीनता नहीं भारतीयता की पहचान है, दासता विरोध है दमन का प्रतिकार है हम …
महान बनने का भूत Mahan banne ka bhut महान बनने का भूत मुझे दीमक-सा चाट गया मेरे सोए कवि को जहरीले साँप-सा काट गया मोची से उसके बक्से …
हिन्दी Hindi पुरस्कारों के नाम हिन्दी में हैं हथियारों के अंग्रेज़ी में युद्ध की भाषा अंग्रेज़ी है विजय की हिन्दी
बिखरना Bikharana कुछ भी रचो सबके विरूद्ध होता है इस दुनिया में जहाँ सब सहमत हैं क्या होते हैं मित्र कौन होते हैं मित्र जो यह ज़रा-सी बात नहीं …
अकेला Akela लाला दादू दयाल दलेला थे जेब में उनकी जितने धेला थे उनके लिए सब माटी का ढेला थे ज़िंदगी में वे बिल्कुल अकेला थे
मैं बचपन से चोर था Me bachpan se chor tha मैं बचपन से चोर था चोर ही रहा जीवन भर जेब से पैसे चुराए पेड़ से आम …
रामदास Ramdas चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अंत समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया …