जिस समय में
Jis samay me
जिस समय में
सब कुछ
इतनी तेजी से बदल रहा है
वही समय
मेरी प्रतीक्षा में
न जाने कब से
ठहरा हुआ है!
उसकी इस विनम्रता से
काल के प्रति मेरा सम्मान-भाव
कुछ अधिक
गहरा हुआ है ।
Read More Hindi Poem of Makhan Lal Chaturvedi “Vayu , “वायु” Complete Poem for Class 10 and Class 12
