प्यास के भीतर प्यास
Pyas ke bhitar pyas
प्यास को बुझाते समय
हो सकता है कि किसी घूँट पर तुम्हें लगे
कि तुम प्यासे हो, तुम्हें पानी चाहिए
फिर तुम्हें याद आए
कि तुम पानी ही तो पी रहे हो
और तुम कुछ भी कह न सको।
प्यास के भीतर प्यास
लेकिन पानी के भीतर पानी नहीं।
