Hindi story Mahabharat Katha “Kichak Vadh”, ”कीचक वध ” Hindi Mahabharat story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

कीचक वध  –  महाभारत कथा   

Kichak Vadh – Mahabharat Katha 

 

पाण्डवों को मत्स्य नरेश विराट की राजधानी में निवास करते हुये दस माह व्यतीत हो गये। सहसा एक दिन राजा विराट का साला कीचक अपनी बहन सुदेष्णा से भेंट करने आया। जब उसकी दष्टि सैरन्ध्री (द्रौपदी) पर पड़ी तो वह काम-पीड़ित हो उठा तथा सैरन्ध्री से एकान्त में मिलने के अवसर की ताक में रहने लगा। द्रौपदी भी उसकी कामुक दष्टि को भाँप गई। द्रौपदी ने महाराज विराट एवं महारानी सुदेष्णा से कहा भी कि कीचक मुझ पर कुदष्टि रखता है, मेरे पाँच गन्धर्व पति हैं, एक न एक दिन वे कीचक का वध देंगे। किन्तु उन दोनों ने द्रौपदी की बात की कोई परवाह न की। लाचार होकर एक दिन द्रौपदी ने भीमसेन को कीचक की कुदष्टि तथा कुविचार के विषय में बता दिया। द्रौपदी के वचन सुनकर भीमसेन बोले, हे द्रौपदी तुम उस दुष्ट कीचक को अर्द्धरात्रि में नृत्यशाला मिलने का संदेश दे दो। नृत्यशाला में तुम्हारे स्थान पर मैं जाकर उसका वध कर दूँगा। सैरन्ध्री ने बल्लभ (भीमसेन) की योजना के अनुसार कीचक को रात्रि में नृत्यशाला में मिलने का संकेत दे दिया। द्रौपदी के इस संकेत से प्रसन्न कीचक जब रात्रि को नृत्यशाला में पहुँचा तो वहाँ पर भीमसेन द्रौपदी की एक साड़ी से अपना शरीर और मुँह ढँक कर वहाँ लेटे हुये थे। उन्हें सैरन्ध्री समझकर कमोत्तेजित कीचक बोला, हे प्रियतमे मेरा सर्वस्व तुम पर न्यौछावर है। अब तुम उठो और मेरे साथ रमण करो। कीचक के वचन सुनते ही भीमसेन उछल कर उठ खड़े हुये और बोले, रे पापी तू सैरन्ध्री नहीं अपनी मृत्यु के समक्ष खड़ा है। ले अब परस्त्री पर कुदष्टि डालने का फल चख। इतना कहकर भीमसेन ने कीचक को लात और घूँसों से मारना आरम्भ कर दिया। जिस प्रकार प्रचण्ड आँधी वृक्षों को झकझोर डालती है उसी प्रकार भीमसेन कीचक को धक्के मार-मार कर सारी नृत्यशाला में घुमाने लगे। अनेक बार उसे घुमा-घुमा कर पृथ्वी पर पटकने के बाद अपनी भुजाओं से उसके गरदन को मरोड़कर उसे पशु की मौत मार डाला। उसकी उस दुर्गति को देखकर द्रौपदी को अत्यन्त सन्तोष प्राप्त हुआ। फिर बल्लभ और सैरन्ध्री चुपचाप अपने-अपने स्थानों में जाकर सो गये। प्रातकाल जब कीचक के वध का समाचार सबको मिला तो महारानी सुदेष्णा, राजा विराट, कीचक के अन्य भाई आदि विलाप करने लगे।

Read More  Hindi Short Story and Hindi Moral Story on “Mandbuddhi Balak Viddvan Varadraj Bank Ubhra” , “मंदबुद्धि बालक विद्वान वरदराज बनकर उभरा” Complete Hindi Prernadayak Story for Class 9, Class 10 and Class 12.

 जब कीचक के शव को अन्त्येष्टि के लिये ले जाया जाने लगा तो द्रौपदी ने राजा विराट से से कहा, इसे मुझ पर कुदष्टि रखने का फल मिल गया, अवश्य ही मेरे गन्धर्व पतियों ने इसकी यह दुर्दशा की है। द्रौपदी के वचन सुन कर कीचक के भाइयों ने क्रोधित होकर कहा, हमारे अत्यन्त बलवान भाई की मृत्यु इसी सैरन्ध्री के कारण हुई है अत इसे भी कीचक की चिता के साथ जला देना चाहिये। इतना कहकर उन्होंने द्रौपदी को जबरदस्ती कीचक की अर्थी के साथ बाँध के और श्मशान की ओर ले जाने लगे। कंक, बल्लभ, वृहन्नला, तन्तिपाल तथा ग्रान्थिक के रूप में वहाँ उपस्थित पाण्डवों से द्रौपदी की यह दुर्दशा देखी नहीं जा रही थी किन्तु अज्ञातवास के कारण वे स्वयं को प्रकट भी नहीं कर सकते थे। इसलिये भीमसेन चुपके से परकोटे को लाँघकर श्मशान की ओर दौड़ पड़े और रास्ते में कीचड़ तथा मिट्टी का सारे अंगों पर लेप कर लिया। फिर एक विशाल वृक्ष को उखाड़कर कीचक के भाइयों पर टूट पड़े। उनमें से कितनों को ही भीमसेन ने मार डाला, जो शेष बचे वे अपना प्राण बचाकर भाग निकले। इसके बाद भीमसेन ने द्रौपदी को सान्त्वना देकर महल में भेज दिया और स्वयं नहा-धोकर दूसरे रास्ते से अपने स्थान में लौट आये।कीचक तथा उसके भाइयों का वध होते देखकर महाराज विराट सहित सभी लोग द्रौपदी से भयभीत रहने लगे। कीचक के वध की सूचना आँधी की तरह फैल गई। वास्तव में कीचक बड़ा पराक्रमी था और उससे त्रिगर्त के राजा सुशर्मा तथा हस्तिनापुर के कौरव आदि डरते थे।

 महल में केवल राजकुमार उत्तर ही थे। प्रजा को रक्षा के लिये गुहार लगाते देख कर सैरन्ध्री (द्रौपदी) से रहा न गया और उन्होंने राजकुमार उत्तर को कौरवों से युद्ध करने के लिये न जाते हुये देखकर खूब फटकारा। सैरन्ध्री की फटकार सुनकर राजकुमार उत्तर ने शेखी बघारते हुये कहा, मैं युद्ध में जाकर कौरवों को अवश्य हरा देता किन्तु असमर्थ हूँ, क्योंकि मेरे पास कोई सारथी नहीं है। उसकी बात सुनकर सैरन्ध्री ने कहा, राजकुमार वृहन्नला बहुत निपुण सारथी है और वह कुन्तीपुत्र अर्जुन का सारथी रह चुकी है। तुम उसे अपना सारथी बना कर युद्ध के लिये जाओ। अन्तत राजकुमार उत्तर वृहन्नला को सारथी बनाकर युद्ध के लिये निकला। उस दिन पाण्डवों के अज्ञातवास का समय समाप्त हो चुका था तथा उनके प्रकट होने का समय आ चुका था। उर्वशी के शापवश मिली अर्जुन की नपुंसकता भी खत्म हो चुकी थी। अत मार्ग में अर्जुन ने उस श्मशान के पास, जहाँ पाण्डवों ने अपने अस्त्र-शस्त्र छुपाये थे, रथ रोका और चुपके से अपने हथियार ले लिये। जब उनका रथ युद्धभूमि में पहुँचा तो कौरवों की विशाल सेना और भीष्म, द्रोण, कर्ण, अश्वत्थामा, दुर्योधन आदि पराक्रमी योद्धाओं को देखकर राजकुमार उत्तर अत्यन्त घबरा गया और बोला, वृहन्नला तुम रथ वापस ले चलो। मैं इन योद्धाओं से मुकाबला नहीं कर सकता। वृहन्नला ने कहा, हे राजकुमार किसी भी क्षत्रियपुत्र के लिये युद्ध में पीठ दिखाने से तो अच्छा है कि वह युद्ध में वीरगति प्राप्त कर ले। उठाओ अपने अस्त्र-शस्त्र और करो युद्ध। किन्तु राजकुमार उत्तर पर वृहन्नला के वचनों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और वह रथ से कूद कर भागने लगा। इस पर अर्जुन (वृहन्नला) ने लपक कर उसे पकड़ लिया और कहा, राजकुमार भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। मेरे होते हुये तुम्हारा कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आज मैं तुम्हारे समक्ष स्वयं को प्रकट कर रहा हूँ, मैं पाण्डुपुत्र अर्जुन हूँ, और कंक युधिष्ठिर, बल्लभ भीमसेन, तन्तिपाल नकुल तथा ग्रान्थिक सहदेव हैं। अब मैं इनसे युद्ध करूँगा, तुम अब इस रथ की बागडोर संभालो। यह वचन सुनकर राजकुमार उत्तर ने गद्गद् होकर अर्जुन के पैर पकड़ लिया। के देवदत्त शंख की ध्वनि रणभूमि में गूँज उठी। उस विशिष्ट ध्वनि को सुनकर दुर्योधन भीष्म से बोला, पितामह यह तो अर्जुन के देवदत्त शंख की ध्वनि है, अभी तो पाण्डवों का अज्ञातवास समाप्त नहीं हुआ है। अर्जुन ने स्वयं को प्रकट कर दिया इसलिये अब पाण्डवों को पुनः बारह वर्ष का वनवास और एक वर्ष का अज्ञातवास भोगना होगा।

Read More  Hindi Panchtantra Short Story, Moral Story “Dushman ka swarth”, ”दुश्मन का स्वार्थ” Hindi Motivational Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

 दुर्योधन के वचन सुनकर भीष्म पितामह ने कहा, दुर्योधन कदाचित तुम्हें ज्ञात नहीं है कि पाण्डव काल की गति जानने वाले हैं, बिना अवधि पूरी किये अर्जुन कभी सामने नहीं आ सकता। मैंने भी गणना कर लिया है कि पाण्डवों के अज्ञातवास की अवधि पूर्ण हो चुकी है। दुर्योधन एक दीर्घ निश्वास छोड़ते हुये बोला, अब जब अर्जुन का आना निश्चित हो चुका है तो पितामह हमें शीघ्र ही व्यूह रचना कर लेना चाहिये। इस पर भीष्म ने कहा, वत्स तुम एक तिहाई सेना लेकर गौओं के साथ विदा हो जाओ। शेष सेना को साथ लेकर हम लोग यहाँ पर अर्जुन से युद्ध करेंगे। भीष्म पितामह के परामर्श के अनुसार दुर्योधन गौओं को लेकर एक तिहाई सेना के साथ हस्तिनापुर की ओर चल पड़ा। यह देखकर कि दुर्योधन रणभूमि से लौटकर जा रहा है अर्जुन ने अपना रथ दुर्योधन के पीछे दौड़ा दिया और भागते हुये दुर्योधन को मार्ग में ही घेरकर अपने असंख्य बाणों से उसे व्याकुल कर दिया। अर्जुन के बाणों से दुर्योधन के सैनिकों के पैर उखड़ गये और वे पीठ दिखा कर भाग गये। सारी गौएँ भी रम्भाती हुईं विराट नगर की और भाग निकलीं। दुर्योधन को अर्जुन के बाणों से घिरा देखकर कर्ण, द्रोण, भीष्म आदि सभी वीर उसकी रक्षा के लिय दौड़ पड़े। कर्ण को सामने देख कर अर्जुन के क्रोध का पारावार न रहा। उन्होंने कर्ण पर इतने बाण बरसाये कि उसके रथ, घोड़े, सारथी सभी नष्ट भ्रष्ट हो गये और कर्ण भी मैदान छोड़ कर भाग गया। कर्ण के चले जाने पर भीष्म और द्रोण एक साथ अर्जुन पर बाण छोड़ने लगे किन्तु अर्जुन अपने बाणों से बीच में ही उनके बाणों के टुकड़े-टुकड़े कर देते थे। अन्ततः अर्जुन के बाणों से व्याकुल होकर सारे कौरव मैदान छोड़ कर भाग गये।कौरवों के इस प्रकार भाग जाने पर अर्जुन भी विजयशंख बजाते हुये विराट नगर लौट आये।  

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

ozototo https://nongkiplay.com/ samson88 samson88 samson88 kingbokep jenongplay samson88 dausbet dausbet mainzeus cagurbet samson88 mainzeus mainzeus dausbet slot777 cagurbet slot777 slot mpo dausbet dausbet samson88 samson88 cagurbet samson88 samson88 cagurbet slot777 slot gacor hari ini samson88 Slot777 slot mpo https://gasindustri.co.id/ slot gacor dausbet https://webs.stikesabi.ac.id/lib/ kno89 cagurbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet apk slot slot thailand mainzeus https://www.chabad.com/videos/ cagurbet scatter hitam cagurbet slot777 jamur4d jamur4d slot2d cagurbet cagurbet slot777 livetotobet slot2d samson88 samson88 livetotobet livetotobet livetotobet livetotobet cagurbet cagurbet bintang4d cagurbet cagurbet cagurbet strategi pemain 2026 berubah perubahan sistem game digital 2026 dausbet cagurbet dausbet cagurbet dausbet cagurbet jokers4d jokers4d karinbet karinbet dausbet https://nks.com.vn/contact/ karinbet dausbet bintang4d jokers4d livetotobet https://smkpgri1jakarta.sch.id/ livetotobet karinbet cagurbet cagurbet kawat4d slot2d bintang4d cagurbet samson88 samson88 cagurbet kawat4d cagurbet slot88 slot777 slot2d slot2d bintang4d livetotobet jokers4d mainzeus karinbet karinbet samson88 karinbet samson88 kawat4d cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet kawat4d kawat4d cagurbet slot777 cagurbet dausbet kawat4d kawat4d kawat4d slot toto slot2d cagurbet livetotobet kawat4d slot88 cagurbet cagurbet cagurbet dausbet kawat4d karinbet samson88 kawat4d cagurbet samson88 samson88 cagurbet cagurbet slot qris mainzeus cagurbet dausbet slot gacor cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet apk slot cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet cagurbet karinbet samson88 samson88 samson88 samson88 dausbet dausbet dausbet cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cariwd88 cagurbet cagurbet dausbet cagurbet samson88 samson88 karinbet karinbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cariwd88 cariwd88 samson88 karinbet samson88 cagurbet karinbet cagurbet cagurbet cagurbet jamur4d samson88 cariwd88 basarnasbogor.com cagurbet cagurbet cariwd88 cariwd88 dausbet samson88 samson88 samson88 karinbet samson88 cagurbet karinbet dausbet cagurbet cagurbet cariwd88 karinbet cariwd88 dausbet cagurbet cariwd88 cariwd88 cagurbet akun pro thailand cagurbet cagurbet https://uniclinic.pro/diseases/ samson88 cagurbet samson88
ozototo https://nongkiplay.com/ samson88 samson88 samson88 kingbokep jenongplay samson88 dausbet dausbet mainzeus cagurbet samson88 mainzeus mainzeus dausbet slot777 cagurbet slot777 slot mpo dausbet dausbet samson88 samson88 cagurbet samson88 samson88 cagurbet slot777 slot gacor hari ini samson88 Slot777 slot mpo https://gasindustri.co.id/ slot gacor dausbet https://webs.stikesabi.ac.id/lib/ kno89 cagurbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet apk slot slot thailand mainzeus https://www.chabad.com/videos/ cagurbet scatter hitam cagurbet slot777 jamur4d jamur4d slot2d cagurbet cagurbet slot777 livetotobet slot2d samson88 samson88 livetotobet livetotobet livetotobet livetotobet cagurbet cagurbet bintang4d cagurbet cagurbet cagurbet strategi pemain 2026 berubah perubahan sistem game digital 2026 dausbet cagurbet dausbet cagurbet dausbet cagurbet jokers4d jokers4d karinbet karinbet dausbet https://nks.com.vn/contact/ karinbet dausbet bintang4d jokers4d livetotobet https://smkpgri1jakarta.sch.id/ livetotobet karinbet cagurbet cagurbet kawat4d slot2d bintang4d cagurbet samson88 samson88 cagurbet kawat4d cagurbet slot88 slot777 slot2d slot2d bintang4d livetotobet jokers4d mainzeus karinbet karinbet samson88 karinbet samson88 kawat4d cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet kawat4d kawat4d cagurbet slot777 cagurbet dausbet kawat4d kawat4d kawat4d slot toto slot2d cagurbet livetotobet kawat4d slot88 cagurbet cagurbet cagurbet dausbet kawat4d karinbet samson88 kawat4d cagurbet samson88 samson88 cagurbet cagurbet slot qris mainzeus cagurbet dausbet slot gacor cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet apk slot cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet samson88 cagurbet cagurbet karinbet samson88 samson88 samson88 samson88 dausbet dausbet dausbet cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cagurbet cariwd88 cagurbet cagurbet dausbet cagurbet samson88 samson88 karinbet karinbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet cagurbet dausbet cariwd88 cariwd88 samson88 karinbet samson88 cagurbet karinbet cagurbet cagurbet cagurbet jamur4d samson88 cariwd88 basarnasbogor.com cagurbet cagurbet cariwd88 cariwd88 dausbet samson88 samson88 samson88 karinbet samson88 cagurbet karinbet dausbet cagurbet cagurbet cariwd88 karinbet cariwd88 dausbet cagurbet cariwd88 cariwd88 cagurbet akun pro thailand cagurbet cagurbet https://uniclinic.pro/diseases/ samson88 cagurbet samson88