कहानी पाटलिपुत्र की Kahani Patli Ki बहुत समय पहले हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में एक दक्षिण भारतीय ब्राह्मण रहता था। उसके तीन बेटे थे। युवा होने पर ब्राह्मण ने …
पवनपुत्र मकरध्वज की कथा Pawan Putra Makardhwaj Ki Katha पवनपुत्र हनुमान बाल-ब्रह्मचारी थे। लेकिन मकरध्वज को उनका पुत्र कहा जाता है। यह कथा उसी मकरध्वज की है। वाल्मीकि रामायण …
पसीने की कमाई का आनंद Pasine ki Kamai ka Anand रैदास नाम के एक बड़े भगवद्भक्त थे| वे काशी में रहते थे| गंगा के घाट के पास …
अष्टमी तिथि महात्मय कथा Ashtmi Tithi Matmay Katha देवी रूक्मिणी का जन्म अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में हुआ था और श्री कृष्ण का जन्म भी कृष्ण पक्ष में …
निर्मल बुद्धि Nirmal Budhi बचपन में गांधीजी को लोग ‘मोनिया’ कहकर पुकारते थे| प्यार से ‘मोहन’ की जगह यह नाम लेते थे| मोनिया का शरीर दुबला था| …
गणगौर कथा Gangor Katha एक बार भगवान शंकर पार्वती जी एवं नारदजी के साथ भ्रमण हेतु चल दिए । वे चलते चलते चैत्र शुक्ल तृतीया को एक गाँव में …
जब बुद्ध ने वृद्धा का जूठा आम स्वीकार किया Jab Budh ne Vridha ka Jhootha aam swikar kiya मगध की राजधानी में भगवान बुद्ध के प्रवचन सुनने …
बसन्त पंचमी की कथा Basant Panchmi Ki Katha सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी …