अपना दीपक बनो Apna dipak bano दो यात्री धर्मशाला में ठहरे हुए थे। एक दीप बेचने वाला आया। एक यात्री ने दीप खरीद लिया। दूसरे ने सोचा, …
सज्जन और दुर्जन Sajjan aur durjan यह मनुष्य का स्वाभाविक गुण है कि वह दूसरे लोगों में भी अपने अनुसार गुण अथवा दोष देख लेता है। एक बार …
हर्षवर्धन Harshvardhan 7वीं सदी के प्रारम्भ होने पर, हर्षवर्धन (606-647 इसवी में) ने अपने भाई राज्यवर्धन की मृत्यु होने पर थानेश्वर व कन्नौज की राजगद्दी संभाली। 612 इसवी तक …
विभीषण का निष्कासन – रामायण कथा Vibhishan ka Nishkasan – Ramayan Katha दूसरे दिन महान मेघों की गर्जना के समान घर्घराहट पैदा करने वाले मणियों से अलंकृत चार घोड़ों से …
गुप्त साम्राज्य Gupt Samrajya कुशाणों के बाद गुप्त साम्राज्य अति महत्वपूर्ण साम्राज्य था। गुप्त अवधि को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग कहा जाता है। गुप्त साम्राज्य का पहला प्रसिद्ध …
मौर्य साम्राज्य Morya Samrajya ईसा पूर्व 326 में सिकन्दर की सेनाएँ पंजाब के विभिन्न राज्यों में विध्वंसक युद्धों में व्यस्त थीं। मध्यप्रदेश और बिहार में नंद वंश का राजा …
लंका में राक्षसी मन्त्रणा – रामायण कथा Lanka me Rakshasi Mantrana – Ramayan Katha इन्द्रतुल्य पराक्रमी हनुमान जी ने लंका में जो अत्यन्त भयावह घोर कर्म किया था, उसे …
रोटी का सफर Rati safar मां मुझे रोटी दो। अरे बेटा आकर ले जाओ। ठीक है। अक्षत ने कहा। पर यह क्या हुआ, जैसे मैं रोटी लेने जा …