चुप्पै रहि लेत हौं Chuppe rahi let haa बिटवा को माय ने बिगारि दियो कइस दुइ बच्चन को बाप ह्वै छटूलो बनो जात है! का कहै मरद जात …
जलनिकासी की व्यवस्था Jal Nikasi ki vyavastha मोहें जो दड़ो की जल निकास प्रणाली अद्भुत थी । लगभग हर नगर के हर छोटे या बड़ेमकान में प्रांगण और स्नानागार …
अक्षरा Akshara तुम प्रतिष्ठित रहो सुयश प्रदायिनी बन हृदय में निष्ठा स्वरूप बसो निरंतर! प्रभा बन सुविकीर्ण प्रतिपल नयन में हो बन अचल विश्वास अंतर में समाओ, समर्पित …
बहिनी का भाग Bahini ka bhag तेरी कमाई में ओ,मेरे भइया कुछ तो है बहिनी का भाग, इक नया पैसा हजार रुपैया में,बस इतना कर दे निभाव, भौजी …
नगर योजना Nagar Yojna इस सभ्यता की सबसे विशेष बात थी यहां की विकसित नगर निर्माण योजना । हड़प्पा तथा मोहें जो दड़ो दोनो नगरों के अपने दुर्ग थे …
तेरी माटी चंदन! Teri mati chandan तेरी माटी चंदन, तेरा जल गंगा जल, तुझमें जो बहती है वह वायु प्राण का बल, ओ मातृ-भूमि, मेरे स्वीकार अमित वंदन! …
हड़प्पा संस्कृति के स्थल Harappa sanskriti ke sthal इसे हड़प्पा संस्कृति इसलिए कहा जाता है कि सर्वप्रथम 1924 में आधुनिक पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के हड़प्पा नामक जगह में …
गोरस की हाँडी Goras ki handi गोरस की हाँडी कबहुँ बोरसी पे चढी नायँ,तीज-त्यौहार हू कढ़ाही रही छूछ ही, एकै बार पेट तो भराय दिन भरै माँझ रात …