बारात की वापसी Barat ki vapasi बारात में जाना कई कारण से टालता हूँ । मंगल कार्यों में हम जैसी चढ़ी उम्र के कुँवारों का जाना अपशकुन है। महेश …
हंस और कौआ Hans aur Kova एक सरोबर था, समन्दर जैसा बड़ा। उसके किनारे बरगद का एक बहुत बड़ा पेड़ था। उस पर एक कौआ रहता था। कौआ तो …
मगर और सियार Magar aur Siyar एक थी नदी। उसमें एक मगर रहता था। एक बार गरमियों में नदी का पानी बिलकुल सूख गया। पानी की एक बूंद भी …
गिलहरीबाई Gilhari bai एक बुढ़िया थी। एक बार उसकी हथेली मे फोड़ा हुआ। जब फोड़ा फूटा, तो उसमें से एक गिलहरी निकली। बुढ़िया ने गिलहरी के लिए पेड़ पर …
चोर और राजा Chor aur Raja किसी जमाने में एक चोर था। वह बडा ही चतुर था। लोगों का कहना था कि वह आदमी की आंखों का काजल तक …
कुनबी और कुनबिन Kunabi aur Kunbin एक था कुनबी और एक थी कुनबिन। एक दिन शाम को कुनबी खेत से लौटकर खटिया पर बैठ-बैठ थकान उतार रहा था। इसी …
मुर्ख कौआ Murakh Kova एक था तोता। बड़ा भला और समझदार था। एक दिन तोते से उसकी मां ने कहा, ‘‘भैया! अब तुम कहीं कमाने जाओ।’’ ‘‘ठीक’’, कहकर तोता …
बड़े घर की बेटी Bade ghar ki beti बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गॉँव के जमींदार और नम्बरदार थे। उनके पितामह किसी समय बड़े धन-धान्य संपन्न थे। गॉँव का पक्का …