खर-दूषण वध – रामायण कथा Khar Dushan Vadh – Ramayan Katha खर की सेना की दुर्दशा देख कर दूषण अपनी विशाल सेना को साथ ले कर राम के …
नाग-पूजा Naag Puja प्रात:काल था। आषढ़ का पहला दौंगड़ा निकल गया था। कीट-पतंग चारों तरफ रेंगते दिखायी देते थे। तिलोत्तमा ने वाटिका की ओर देखा तो वृक्ष और पौधे …
खर-दूषण से युद्ध – रामायण कथा Khar Dushan se yudh – Ramayan Katha शूर्पणखा का रक्त-रंजित मुखमण्डल देखकर वह क्रोध से काँपते हुये बोला, बहन! मूर्छा और घबराहट छोड़ …
शूर्पणखा – रामायण कथा Shrupnakha – Ramayan Katha पंचवटी के अपने आश्रम में रामचन्द्र सीता के साथ सुखपूर्वक रहने लगे। एक दिन जब राम और लक्ष्मण वार्तालाप कर रहे …
पंचवटी में आश्रम – रामायण कथा Panchvati me Ashram – Ramayan Katha पंचवटी की ओर जाते समय मार्ग में राम, सीता और लक्ष्मण की दृष्टि एक विशालकाय गृध्र …
स्वामिनी Swamini शिवदास ने भंडारे की कुंजी अपनी बहू रामप्यारी के सामने फेंककर अपनी बूढ़ी ऑंखों में ऑंसू भरकर कहा—बहू, आज से गिरस्ती की देखभाल तुम्हारे ऊपर है। मेरा …
अगस्त्य का आश्रम – रामायण कथा Agastya Rishi ka Ashram – Ramayan Katha सुतीक्ष्ण मुनि से विदा ले कर राम, सीता और लक्ष्मण ने वहाँ से प्रस्थान किया। …
पूस की रात Poos ki Raat हल्कू ने आकर स्त्री से कहा-सहना आया है । लाओं, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला तो छूटे । …