सीता की शंका – रामायण कथा Sita ki Shanka – Ramayan Katha मार्ग में सीता ने रामचन्द्र से कहा, आर्यपुत्र! यद्यपि आप महान पुरुष हैं किन्तु सूक्ष्मरूप से विचार …
आत्माराम Atmaram वेदों-ग्राम में महादेव सोनार एक सुविख्यात आदमी था। वह अपने सायबान में प्रात: से संध्या तक अँगीठी के सामने बैठा हुआ खटखट किया करता था। यह लगातार …
महर्षि शरभंग – रामायण कथा Maharishi Sharbhang – Ramayan Katha भयंकर बलशाली विराध राक्षस का वध करने के पश्चात् राम, सीता और लक्ष्मण महर्षि शरभंग के आश्रम में …
समर-यात्रा Samar Yatra आज सबेरे ही से गॉँव में हलचल मची हुई थी। कच्ची झोपड़ियॉँ हँसती हुई जान पड़ती थी। आज सत्याग्रहियों का जत्था गॉँव में आयेगा। कोदई चौधरी …
दण्डक वन में विराध वध – रामायण कथा Dandak van me Viradh Vadh – Ramayan Katha सीता और लक्ष्मण के साथ राम ने दण्डक वन में प्रवेश किया। …
शान्ति Shanti जब मै ससुराल आयी, तो बिलकुल फूहड थी। न पहनने-ओढ़ने को सलीका , न बातचीत करने का ढंग। सिर उठाकर किसी से बातचित न कर सकती थीं। …
तमसा के तट पर – रामायण कथा Tamsa nadi ke tat par – Ramayan Katha जब राम ने देखा कि प्रजाजन रथ के पीछे दौड़ते ही आ रहे हैं …
प्रायश्चित Prayshchit दफ्तर में जरा देर से आना अफसरों की शान है। जितना ही बड़ा अधिकारी होता है, उत्तरी ही देर में आता है; और उतने ही सबेरे जाता …