शोक का पुरस्कार Shok ka puraskar शोक का पुरस्कार प्रेमचंद आज तीन दिन गुज़र गये। शाम का वक्त था। मैं युनिवर्सिटी हॉल से खुश-खुश चला आ रहा था। …
राजतिलक की तैयारी – रामायण कथा Rajtilak ki teyari – Ramayan Katha दूसरे दिन राजा दशरथ के दरबार में सभी देशों के राजा लोग उपस्थित थे। सभी को …
शेख़ मख़मूर Shekh Makhmoor शेख़ मख़मूर प्रेमचंद मुल्के जन्नतनिशाँ के इतिहास में बहुत अँधेरा वक़्त था जब शाह किशवर की फ़तहों की बाढ़ बड़े ज़ोर-शोर के साथ उस पर …
राजतिलक की घोषणा – रामायण कथा Rajtilak ki Ghoshna – Ramayan Katha कैकेय पहुँच कर भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ आनन्दपूर्वक अपने दिन व्यतीत करने लगे। …
लेखक Lekhak लेखक प्रेमचंद प्रात:काल महाशय प्रवीण ने बीस दफा उबाली हुई चाय का प्याला तैयार किया और बिना शक्कर और दूध के पी गये। यही उनका नाश्ता था। …
राजपूत कैदी Rajput kedi राजपूत कैदी तोल्सतोय अनुवाद – प्रेमचंद धर्म सिंह नामी राजपूत राजपूताना की सेना में एक अफसर था। एक दिन माता की पत्री आई कि मैं …
रहस्य Rahasya रहस्य प्रेमचंद विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों …
वाराणसी की कथा Varanasi ki Katha यह कथा द्वापरयुग की है जब भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र ने काशी को जलाकर राख कर दिया था। बाद में यह वाराणसी …