रक्षा में हत्या Raksha me hatya रक्षा में हत्या प्रेमचंद (प्रेमचंद के जीवन-काल में उनकी अनेक कहानियों का अनुवाद जापानी, अंग्रेजी आदि विदेशी भाषाओं में तो हुआ ही, अनेक …
यही मेरा वतन Yahi mera vatan यही मेरा वतन प्रेमचंद आज पूरे साठ बरस के बाद मुझे अपने वतन, प्यारे वतन का दर्शन फिर नसीब हुआ। जिस वक़्त मैं …
यह भी नशा, वह भी नशा Yah bhi nasha vah bhi nasha यह भी नशा, वह भी नशा प्रेमचंद होली के दिन राय साहब पण्डित घसीटेलाल की बारहदरी में …
मेरी पहली रचना Meri pehli rachna मेरी पहली रचना प्रेमचंद उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने …
मिट्ठू Mithu मिट्ठू प्रेमचंद बंदरों के तमाशे तो तुमने बहुत देखे होंगे। मदारी के इशारों पर बंदर कैसी-कैसी नकलें करता है, उसकी शरारतें भी तुमने देखी होंगी। तुमने उसे …
मनुष्य का जीवन आधार क्या है ? Manushya ka jeevan aadhar kya he? मनुष्य का जीवन आधार क्या है तोल्सतोय अनुवाद – प्रेमचंद माधो नामी एक चमार जिसके न …
मंगल सूत्र भाग 2 Mangal Sutra Bhag 2 मंगल सूत्र भाग 2 मि.सिन्हा उन आदमियों में हैं जिनका आदर इसलिए होता है कि लोग उनसे डरते हैं उन्हें ेदेखकर …
मंगल सूत्र भाग 1 Mangal Sutra Bhag 1 मंगल सूत्र प्रेमचंद भाग 1 प्रेमचंद का आखिरी उपन्यास, जिसे वे पूरा न कर सके) बड़े बेटे संतकुमार को वकील बना …