जुरमाना Jurmana जुरमाना प्रेमचंद ऐसा शायद ही कोई महीना जाता कि अलारक्खी के वेतन से कुछ जुरमाना न कट जाता। कभी-कभी तो उसे ६) के ५) ही मिलते, लेकिन …
कामदेव का आश्रम – रामायण कथा Kamdev ka Ashram – Ramayan Katha दूसरे दिन ब्राह्म-मुहूर्त्त में निद्रा त्याग कर मुनि विश्वामित्र तृण शैयाओं पर विश्राम करते हुये राम …
जीवन-सार Jeevan Saar जुरमाना प्रेमचंद ऐसा शायद ही कोई महीना जाता कि अलारक्खी के वेतन से कुछ जुरमाना न कट जाता। कभी-कभी तो उसे ६) के ५) ही मिलते, …
क्षमादान Kshamadan क्षमादान तोल्सतोय अनुवाद – प्रेमचंद दिल्ली नगर में भागीरथ नाम का युवक सौदागर रहता था। वहाँ उसकी अपनी दो दुकानें और एक रहने का मकान था। वह …
विश्वामित्र का आगमन – रामायण कथा Vishvamitra ka Agaman – Ramayan Katha अयोध्यापति महाराज दशरथ के दरबार में यथोचित आसन पर गुरु वशिष्ठ, मन्त्रीगण और दरबारीगण बैठे …
कश्मीरी सेब Kashmiri Seb कश्मीरी सेब प्रेमचंद कल शाम को चौक में दो-चार जरूरी चीजें खरीदने गया था। पंजाबी मेवाफरोशों की दूकानें रास्ते ही में पड़ती हैं। एक दूकान …
कर्मभूमि Karmbhumi कर्मभूमि प्रेमचंद हमारे स्कूलों और कॉलेजों में जिस तत्परता से फीस वसूल की जाती है, शायद मालगुजारी भी उतनी सख्ती से नहीं वसूल की जाती। महीने में …
कफ़न Kafan एक चिनगारी घर को जला देती है तोल्सतोय अनुवाद – प्रेमचंद एक समय एक गांव में रहीम खां नामक एक मालदार किसान रहता था। उसके तीन पुत्र …