मॄत्युदण्ड की धमकी Tenali Ram aur Mrithudand ki dhamki थट्टाचारी कॄष्णदेव राय के दरबार में राजगुरु थे। वह तेनाली राम से बहुत ईर्ष्या करते थे। उन्हें जब भी मौका …
अर्जुन का अहंकार Arjun ka Ahankar एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को श्रीकृष्ण ने समझ लिया। …
मूर्खों का साथ हमेशा दुखदायी Murakho ka sath hamesha dukhdayi विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय जहाँ कहीं भी जाते, जब भी जाते, अपने साथ हमेशा तेनालीराम को जरूर ले …
महान पुस्तक Tenali Ram aur mahan pustak एक बार राजा कॄष्णदेव राय के दरबार में एक महान विद्वान आया। उसने वहॉ दरबार में उपस्थित सभी विद्वानो को चुनौती दी …
मनहूस रामैया Tenali Ram aur Manhus rameya रामैया नाम के आदमी के विषय में नगर-भर में यह प्रसिद्ध था कि जो कोई प्रातः उसकी सूरत देख लेता था, उसे …
मटके में मुंह Tenali Ram aur Matke me muh एक बार महाराज कॄष्णदेव राय किसी बात पर तेनालीराम से नाराज हो गए। गुस्से में आकर उन्होंने तेनालीराम से भरी …
बिल्ली के लिए गाय Billi ke liye gaay एक बार की बात है, बहुत सारे चूहों ने विजयनगर के लोगों को परेशान कर रखा था। चूहों से छुटकारा पाने …
कल्कि अवतार की कथा – विष्णु पुराण Kalki Avtar ki katha – Vishnu Puran इसमें विष्णु जी भविष्य में कलियुग के अन्त में आयेंगे। कल्कि विष्णु …