खूंखार घोड़ा Khunkhar ghoda विजयनगर के पड़ोसी मुसलमान राज्यों के पास बड़ी मजबूत सेनाएँ थीं। राजा कृष्णदेव राय चाहते थे कि विजयनगर की घुड़सवार फौज भी मजबूत हो ताकि …
यदुकुल का संहार – महाभारत कथा Yadukul ka Sanhar – Mahabharat Katha जब १८-दिन का युद्ध समाप्त हो जाता है, तो श्रीकृष्ण, अर्जुन को उसके रथ से …
कौन बडा Kaun bada एक बार राजा कॄष्णदेव राय महल में अपनी रानी के पास विराजमान थे। तेनालीराम की बात चली, तो बोले सचमुच हमारे दरबार में उस जैसा …
महाभारतयुद्ध की समाप्ति – महाभारत कथा Mahabharat Yudh ki Samapati – Mahabharat Katha दुर्योधन की प्राय सारी सेना युद्ध में मारी गयी थी। अन्ततोगत्वा उसका भीमसेन के …
कुत्ते की दुम सीधी Kutte kid um sidhi एक दिन राजा कृष्णदेव राय के दरबार में इस बात पर गरमागरम बहस हो रही थी कि मनुष्य का स्वभाव बदला …
कुएं का विवाह Kuve ka vivah एक बार राजा कॄष्णदेव राय और तेनालीराम के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तेनालीराम रुठकर चले गए। आठ-दस दिन …
कर्ण और दुर्योधन वध – महाभारत कथा Karn aur Duryodhan vadh – Mahabharat Katha द्रोण बड़े ही दुर्धर्ष थे। वे सम्पूर्ण क्षत्रियों का विनाश करके पाँच वें …
कीमती उपहार Kimati uphar लड़ाई जीतकर राजा कृष्णदेव राय ने विजय उत्सव मनाया। उत्सव की समाप्ति पर राजा ने कहा- ‘लड़ाई की जीत अकेले मेरी जीत नहीं है-मेरे सभी …