द्रौपदी स्वयंवर – महाभारत कथा Dropadi Swamvar – Mahabharat Katha स्वयंवर सभा में अनेक देशों के राजा-महाराजा एवं राजकुमार पधारे हुये थे। एक ओर श्री कृष्ण …
आधा बाप आपका आधा मेरा Adha baap apka adha mera बीरबल प्रायः नीचे देखकर चला करते थे । एक दिन बादशाह अकबर ने उन्हें ऐसे चलते देख कर पूछा …
लाक्षाग्रह षड्यंत्र – महाभारत कथा Lakshagrah Shadyantra – Mahabharat Katha दैवयोग तथा शकुनि के छल कपट से कौरवों और पाण्डवों में वैर की आग प्रज्वलित हो उठी। …
बादशाह की लाजवाब किताब Badshah ki lajwab kitab अकबर बादशाह ने एक पुस्तक लिखकर छपवाई थी. बादशाह उसे बहुत ही सुन्दर पुस्तक समझते थे. एक दिन बीरबल ने कहा …
सबके मन की बात Sabke man ki baat एक बार दरबार में एक सभासद ने बादशाह अकबर से कहा – जहाँपनाह ! ऐसा कौन सा प्रश्न है ,जो हम …
एकलव्य की गुरुभक्ति – महाभारत कथा Eklavya ki Gurubhakti – Mahabharat Katha एकलव्य महाभारत का एक पात्र है। वह हिरण्य धनु नामक निषाद का पुत्र था। एकलव्य को …
चगत्ता पड़ जायेगा Chagatta pad jayega एक दिन बीरबल और बादशाह पैदल ही घूमने निकल पड़े । एक जगह रास्ते में पखाना पड़ा हुआ था जो कि सूखकर काला …
कर्ण का जन्म – महाभारत कथा Karan ka Janam – Mahabharat Katha धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुर के लालन पालन का भार भीष्म के ऊपर था। तीनों पुत्र बड़े होने …