मस्जिदों-मन्दिरों की दुनिया में Masjido mandiro ki duniya me मस्जिदों-मन्दिरों की दुनिया में मुझको पहचानते कहाँ हैं लोग रोज़ मैं चांद बन के आता हूँ दिन में सूरज …
एक दिन Ek din सूरज एक नटखट बालक सा दिन भर शोर मचाए इधर उधर चिड़ियों को बिखेरे किरणों को छितराये कलम, दरांती, बुरुश, हथोड़ा जगह जगह फैलाये …
तू पढ़ती है मेरी पुस्तक Tu padhti he meri pustak तू पढ़ती है मेरी पुस्तक, मैं तेरा मुखड़ा पढ़ता हूँ तू चलती है पन्ने-पन्ने, मैं लोचन-लोचन बढ़ता हूँ मै …
मुहब्बत में वफ़ादारी से बचिये Muhabbat me vafadari se bachiye मुहब्बत में वफ़ादारी से बचिये जहाँ तक हो अदाकारी से बचिये हर एक सूरत भली लगती है कुछ …
हुआ सवेरा Hua savera हुआ सवेरा ज़मीन पर फिर अदब से आकाश अपने सर को झुका रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं नदी में स्नान करने …
तुम आग पर चलो Tum aag par chalo 1) अब वह घड़ी गई कि थी भरी वसुंधरा वह घड़ी गई कि शांति-गोद थी धरा जिस ओर देखते न दीखता …
चतुर गिद्दर Chatur Giddad किसी जंगल में एक चतुर और बुद्धिमान गीदड़ रहता था| उसके चार मित्र बाघ, चूहा, भेड़िया और नेवला भी उसी जंगल में रहते थे| एक …
सब की पूजा एक सी Sab ki puja ek si सब की पूजा एक सी, अलग अलग हर रीत मस्जिद जाये मौलवी, कोयल गाये गीत पूजा घर में …