रंगा सियार Ranga Siyar एक बार की बात हैं कि एक सियार जंगल में एक पुराने पेड के नीचे खडा था। पूरा पेड हवा के तेज झोंके से …
चलो सुनाओ नयी कहानी Chalo sunao nayi kahani अगर सुनानी तो नानू बस झट सुना दो एक कहानी देर करोगे तो सच कहती अभी बुलाती हूँ मैं नानी बोली …
इस बारिश में Is barish me जिसके पास चली गयी मेरी ज़मीन उसी के पास अब मेरी बारिश भी चली गयी अब जो घिरती हैं काली घटाएं उसी …
मिट्टी Mitti नफ़रत पैदा करती है नफ़रत और प्रेम से जनमता है प्रेम इंसान तो इंसान, धर्मग्रंथों का यह ज्ञान तो मिट्टी तक के सामने ठिठककर रह जाता …
प्राधीनता में शुख कहा Pradhinta me khush kaha एक कुत्ते और बाघ की आपस मे दोस्ती हो गयी, कुत्ता काफी मोटा ताजा था और बाघ दुबला पतला सा था, …
बहुत कुछ है अभी Bahut kuch he abhi कितनी भी भयानक हों सूचनाएँ क्रूर हों कितनी भी भविष्यवाणियाँ घेर लिया हो चाहे कितनी ही आशंकाओं ने पर है अभी …
मनुष्यशक्ति Manushya Shakti कितना कोयला होगा मेरी देह में कितनी कैलोरी कितने वाट कितने जूल कितनी अश्वशक्ति (मैं इसे मनुष्यशक्ति कहूंगा) कितनी भी ठंडक हो बर्फ़ हो अंधेरा …
झटपट खाओ Jhatpat khao सूरज ने भेजा धरती पर अपनी बेटी किरण धूप को साथ खेलते धरती ने भी उगा दिया झट हरी दूब को. दूब उगी तो देख …