सुनो चारुशिला Suno charushila तुम अपनी दो आँखों से देखती हो एक दृश्य दो हाथों से करती हो एक काम दो पाँवों से दो रास्तों पर नहीं एक …
ख़ौफ के बाहर Khof ke bahar मैं चौंका जब कहा उसने कि जब भी चाहा घर लौटना लगता रहा ख़ौफ गो कि हर्ज़ न था लौटने में सोचता हूँ …
लालच Lalach किसी गांव में दो भाई रहते थे, एक भाई गरीब था और दूसरा अमीर, दिवाली के दिन सब घरों में खुशियाँ मनाई जा रही थी पर गरीब …
सूनी सँझा, झाँके चाँद Suni sanjh jhanke chand सूनी सँझा, झाँके चाँद मुँडेर पकड़ कर आँगना हमें, कसम से, नहीं सुहाता- रात-रात भर जागना । रह-रह हवा सनाका …
कोयल Koyal गरमियों की एक सुबह घनिष्ठ मित्र तोताराम और कल्लू एक जंगल में गए। सहसा उन्हें कोयल की कुहुक सुनाई पड़ी। यह एक पक्षी की आवाज है …
सूर्य Surya ऊर्जा से भरे लेकिन अक्ल से लाचार, अपने भुवन भास्कर इंच भर भी हिल नहीं पाते कि सुलगा दें किसी का सर्द चूल्हा ठेल उढ़का हुआ …
रात में भी Raat me bhi रात में भी रात की सी बात नहीं है गाँव है कि गाँव में देहात नहीं है न सही उरियाँ मगर दिल में …
किसान और बगुला Kisan aur Bagula किसी गांव में एक किसान रहता था, किसान बहुत मेहनती था, उसके खेतों में बहुत अच्छी फसल हुआ करती थी, किसान के …