फूले फूल बबूल कौन सुख, अनफूले कचनार Phule phul babul kon sukh anphule kachnar फूले फूल बबूल कौन सुख, अनफूले कचनार । वही शाम पीले पत्तों की गुमसुम …
व्यक्तिगत Vyaktigat (एक संवाद ख़ुद से भी) अगर मान भी लूँ महल है यह तो भी ख़ुद चिना है मैंने इसे। गवाह है मेरा यह सिर जिसने ढोई हैं …
धूप Dhoop सर्दियों की सुबह, उठ कर देखता हूँ धूप गोया शहर के सारे घरों को जोड़ देती है ग़ौर से देखें अगरचे धूप ऊँचे घरों के साये …
कीमती उपहार Kimati uphar एक राजा था, एक बार राजा अपने राजमहल के बगीचे में सैर कर रहा था, उसने देखा कि कोई आदमी दरवाजे पर खड़ा है, उसने …
जीवन Jeevan (एक) कहाँ है जीवनदायिनी वह कूची चितेरे की श्लोकों के मौन संगीत में देखो तो लौट रहीं टहनियाँ हरी हरी लौट रहा काफिला ठूँठों का वृक्षों की …
मुर्दे Murde मरने के बाद शुरू होता है मुर्दों का अमर जीवन दोस्त आएँ या दुश्मन वे ठंडे पड़े रहते हैं लेकिन अगर आपने देर कर दी तो …
हाज़िर जवाबी Hajir jawabi बचपन में दौलत राम बहुत ग़रीब था, समय के साथ साथ उसने शहर में जाकर ख़ूब मेहनत की और बहुत पैसा कमाया, जैसे-जैसे लक्ष्मी मैया …
हमारा कबूतर Hamara kabutar रह तो बहुत दिनों से रहा है कबूतर शॉफ़्ट के एक कोने में हमारे घर की । और उसका परिवार भी जब-तब फड़फड़ा लेता है …