कामना का बंधन Kamna ka bandhan बहुत समय पहले की बात है| किसी शहर में एक ब्यापारी रहता था| उस ब्यापारी ने कहीं से सुन लिया कि राजा …
मैं कोई फ़रिश्ता तो नहीं था Me koi farishta to nahi tha पत्र भी एक समय के बाद शव से नज़र आने लगें तो क्या करें? क्या करें जब …
ज्योति कलश छलके Jyoti chalke ज्योति कलश छलके हुए गुलाबी, लाल सुनहरे रंग दल बादल के ज्योति कलश छलके घर आंगन वन उपवन उपवन करती ज्योति अमृत के …
जंगल के दोस्त Jangal ke dost एक घने जंगल के किनारे एक ब्राह्मण रहता था उसका नाम धर्म दास था धर्म दास पहले पास के एक गाँव में रहता …
मैंने कहा – हाँ Mene kaha haa बहुत नशेड़ी होकर भी चाह रहा था समुद्र मॆं पीता रहूँ । पीता रहूँ बैठा गोवा के तट पर । नशे में …
आषाढ़ Ashadh पकी जामुन के रँग की पाग बाँधता आया लो आषाढ़! अधखुली उसकी आँखों में झूमता सुधि मद का संसार, शिथिल-कर सकते नहीं संभाल खुले लम्बे साफे …
गोलू मोलु और भालू Golu Molu aur Bhalu गोलू-मोलू और पक्के दोस्त थे। गोलू जहां दुबला-पतला था, वहीं मोलू मोटा गोल-मटोल। दोनों एक-दूसरे पर जान देने का दम भरते …
पत्नी तो नहीं हैं न हम आपकी Patni to nahi he na hum aapki नहीं लिखा गया तो एक ओर रख दिया कागज बंद कर दिया ढक्कन पेन का …