रोम-रोम में सावन मुसकाने लगा Rom-Rom me sawan muskane laga तुमने मेरे मन को ऐसे छू दिया गानवती ज्यो कोई छू दे , सोये हुए सितार को गूंगा मन …
नील-कमल-ताल पर उतर गए चीलों के झुण्ड Neel kamal tal par utar gye chilo ke jhund सुबह-सुबह नील-कमल-ताल पर उतर गए चीलों के झुण्ड । अभी-अभी नावों ने खोले …
बन्द है नीली झील का हिलना Band he nili jheel ka hilna बहुत देर से बन्द है नीली झील का हिलना और पंख फड़फड़ाना बत्तखों का । बहुत दिनों …
गाँधीजी के बन्दर तीन Gandhiji ke bander teen गाँधीजी के बन्दर तीन, सीख हमें देते अनमोल । बुरा दिखे तो दो मत ध्यान, बुरी बात पर दो मत …
कौन चुनौती स्वीकारेगा ? Kaun chunoti swikarega मन की गहरी घाटी में क्या उतरेगा कोई जो उतरेगा वह फिर उससे निकल न पाएगा । फिसलन भरे, नुकीले पत्थर वाले …
इस तरह तो Is tarha to इस तरह तो दर्द घट सकता नहीं इस तरह तो वक़्त कट सकता नहीं आस्तीनों से न आँसू पोछिए और ही तदबीर …
झाँकते हैं फिर नदी में पेड़ Jhankte he fir nadi me ped झाँकते हैं फिर नदी में पेड़ पानी थरथराता है यह नुकीले पत्थरों का तल काटता है धार …
क़तआत kataat जानता हूँ कि ग़ैर हैं सपने और खुशियाँ भी ये अधूरी हैं किंतु जीवन गुज़ारने के लिए कुछ ग़लत फ़ेहमियाँ ज़रूरी हैं हसरतों की ज़हर बुझी …