पाँच मुक्तक Panch Muktak मेरा विश्वास पराजय को ज़हर होता है मेरा उल्लास उदासी को क़हर होता है मुझे घिरते हुए अँधियारे की परवाह क्या मेरी हर बात …
स्वप्निल आकांक्षा Swapneel Akanksha स्वप्न की झील में तैरता मन का यह सुकोमल कमल चंद्रिका-स्नात मधु रात में हो हमारा-तुम्हारा मिलन दूर जैसे क्षितिज के परे झुक रहा हो …
अचानक दोस्ती करना, अचानक दुश्मनी करना Achanak dosti karna, achanak dushmani karna अचानक दोस्ती करना, अचानक दुश्मनी करना ये उसका शौक है यारों सभी से दिल्लगी करना सभी …
कक्षा से भटका हुआ उपग्रह हूँ Kaksha se bhatka hua upgrah hu मैं धरा-गगन दोनों से छूट गया संपर्क संचरण-ध्रुव से टूट गया कक्षा से भटका हुआ उपग्रह हूँ …
अधूरी समाप्तियाँ Adhuri Sampatiya सब समाप्त हो जाने के पश्चात भी कुछ ऐसा है जो कि अनहुआ रह जाता है चलते-चलते राह कहीं चुक जाती है लेकिन लक्ष्य …
अक़्ल ये कहती है, सयानों से बनाए रखना Akal ye kahti he, syano se banay rakhna अक़्ल ये कहती है, सयानों से बनाए रखना दिल ये कहता है, …
प्यास के क्षण Pyas ke kshan बाँट दो सारा समंदर तृप्ति के अभिलाषकों में, मैं अंगारे से दहकते प्यास के क्षण माँगता हूँ, दूर तक फैली हुई अम्लान …
जो बात मेरे कान में ख़्वाबों ने कही है Jo bat mere kaan me khawabo ne kahi he जो बात मेरे कान में ख़्वाबो ने कही है वो …