पांपाकुशा एकादशी व्रतकथा Pampakusha Ekadashi Vrat Katha धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! आश्विन शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? अब आप कृपा करके इसकी विधि तथा फल …
मेरे देश के लाल Mere Desh ke Lal पराधीनता को जहाँ समझा श्राप महान कण-कण के खातिर जहाँ हुए कोटि बलिदान मरना पर झुकना नहीं, मिला जिसे वरदान …
यह देश हमारा Yah desh hamara यह देश हमारा इस विश्व के गगन के सितारों का सितारा ये देश हमारा ये विंध्य ये हिमालय गंगोजमन कहाँ ऐसी धरा कहाँ …
अपनी गंध नहीं बेचूंगा Apni Gandh Nahi Bechunga चाहे सभी सुमन बिक जाएं चाहे ये उपवन बिक जाएं चाहे सौ फागुन बिक जाएं पर मैं गंध नहीं बेचूंगा- …
मुक्तिकाएँ लिखें Mukatikaye likhe मुक्तिकाएँ लिखें मुक्तिकाएँ लिखें दर्द गायें लिखें.. हम लिखें धूप भी हम घटाएँ लिखें.. हास की अश्रु की सब छटाएँ लिखें.. बुद्धि की छाँव में …
रमा एकादशी व्रतकथा Rama Ekadashi Vrat Katha धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! कार्तिक कृष्ण एकादशी का क्या नाम है? इसकी विधि क्या है? इसके करने से क्या …
जो कुटिलता से जियेंगे Jo Kutilta se jiyenge छीनकर छ्लछंद से हक पराया मारकर अम्रित पिया तो क्या पिया? हो गये बेशक अमर जी रहे अम्रित उमर लेकिन …
प्रसंग ग़लत है Prasang galat he दिया गया संदर्भ सही पर अवसर और प्रसंग ग़लत है । भाव, अमूर्त और अशरीरी वह अनुभव की वस्तु रहा है चित्र न …