विश्वास करना चाहता हूँ Vishvas karna chanta hu विश्वास करना चाहता हूँ कि जब प्रेम में अपनी पराजय पर कविता के निपट एकांत में विलाप करता हूँ तो …
पापमोचिनी एकादाशी व्रतकथा Papmochini Ekadashi Vrat Katha धर्मराज युधिष्ठिर बोले- हे जनार्दन! चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है तथा उसकी विधि क्या है? कृपा …
जी भर गाओ Jee bhar gao मुझ पर प्यारे शोध करो मत मुझको जी भर गाओ । चीर-फाड़ कविता के तन की अच्छी बात नहीं ख़ून-पसीने की फ़सलें मिलतीं …
रौदी अछि, दाही अछि Rodi achi dahi achi रौदी अछि, दाही अछि हमरा ले’ धैन सन। गामक तबाही अछि हमरा ले’ धैन सन। हम महान छी,चटइत तरबा इतिहास अछि …
गाढे अंधेरे में Gadhe andhere me इस गाढे अंधेरे में यों तो हाथ को हाथ नहीं सूझता लेकिन साफ़-साफ़ नज़र आता है: हत्यारों का बढता हुआ हुजूम, उनकी …
नीरज एकादशी व्रतकथा Neeraj Ekadashi Vrat Katha भीमसेन व्यासजी से कहने लगे कि हे पितामह! भ्राता युधिष्ठिर, माता कुंती, द्रोपदी, अर्जुन, नकुल और सहदेव आदि सब एकादशी का …
बैरागी भैरव Beragi Bherav बहकावे में रह मत हारिल एक बात तू गाँठ बाँध ले केवल तू ईश्वर है बाकी सब नश्वर है । ये तेरी इन्द्रियाँ, दृश्य, सुख-दुख …
कोई नहीं सुनता Koi nahi sunta कोई नहीं सुनता पुकार– सुनती है कान खड़े कर सीढियों पर चौकन्नी खड़ी बिल्ली, जिसे ठीक से पता नहीं कि डर कर …