कामदा एकादशी व्रतकथा Kamda Ekadashi Vrat Katha धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन्! मैं आपको कोटि-कोटि नमस्कार करता हूँ। अब आप कृपा करके चैत्र शुक्ल एकादशी का महात्म्य …
एक किरन भोर की Ek kiran bhor ki एक किरन भोर की उतराई आँगने । रखना इसको सँभाल कर, लाया हूँ माँग इसे सूरज के गाँव से अँधियारे का …
बच्चे एक दिन Bache ek din बच्चे अंतरिक्ष में एक दिन निकलेंगे अपनी धुन में, और बीनकर ले आयेंगे अधखाये फलों और रकम-रकम के पत्थरों की तरह कुछ …
कमला पद्मिनी एकादशी व्रतकथा Kamla Padmini Ekadashi Vrat Katha धर्मराज युधिष्ठिर बोले- हे जनार्दन! अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है तथा उसकी विधि क्या …
गामक लोक Gamak lok बैरङ चिट्ठी जकाँ फिरैए गामक लोक । कस्तूरी मृग जकाँ मरैए गामक लोक । महानगर अपराध करय बुधियार बनल आ जरिमाना तकर भरैए गामक लोक …
अधपके अमरूद की तरह पृथ्वी Adhpake amrud ki tarah prithvi खरगोश अँधेरे में धीरे-धीरे कुतर रहे हैं पृथ्वी । पृथ्वी को ढोकर धीरे-धीरे ले जा रही हैं चींटियाँ …
आर्द्रा Aarda घर की मकड़ी कोने दुबकी वर्षा होगी क्या? बाईं आँख दिशा की फड़की वर्षा होगी क्या? सुन्नर बाभिन बंजर जोते इन्नर राजा हो! आँगन-आँगन छौना लोटे इन्नर …
विदा Vida तुम चले जाओगे पर थोड़ा-सा यहाँ भी रह जाओगे जैसे रह जाती है पहली बारिश के बाद हवा में धरती की सोंधी-सी गंध भोर के उजास …