नरसिंह जयंती व्रतकथा Narsingh Jayanti Vrat Katha हिन्दू पंचांग के अनुसार नृसिंह जयंती का व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. पुराणों में …
वो तो मुद्दत से जानता है मुझे Vo to muddat se janata he mujhe वो तो मुद्दत से जानता है मुझे फिर भी हर इक से पूछता है मुझे …
जिंदगी का जिंदगी से वास्ता जिंदा रहे Zindagi ka zindagi se basta jinda rahe जिंदगी का जिंदगी से वास्ता जिंदा रहे हम रहें जब तक हमारा हौसला जिंदा …
मंगला गौरी व्रतकथा Mangla Gauri Vrat Katha मंगल को वैवाहिक जीवन के लिए अमंगलकारी माना जाता है क्योंकि कुण्डली में मंगल की विशेष स्थिति के कारण ही मंगलिक योग …
नज़्म-इक दिन ऐसा भी आएगा Nazam ek din esa bhi aayega इक दिन ऐसा भी आएगा होंठ-होंठ पैमाने होंगे मंदिर-मस्जिद कुछ नहीं होंगे घर-घर में मयख़ाने होंगे जीवन के …
खिड़कियों की साजिशों से Khidkiyo ki sajisho se खिड़कियों की साजिशों से कुछ हवा की ढील से झोपड़ी जल ही न जाए देखना कन्दील से एक छोटा ही …
द्वार पर साँकल लगाकर सो गए Dwar par sakal lagakar so gye द्वार पर साँकल लगाकर सो गए जागरण के गीत गाकर सो गए। सोचते थे हम कि …
सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा Sunahari sarzami meri, rupahla aasma mera सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा मगर अब तक नहीं समझा, ठिकाना है कहाँ मेरा किसी बस्ती …