कभी यूँ भी आ मेरी आँख में के मेरी नज़र को ख़बर न हो Kabhi yu bhi aa meri aankh me ke meri nazar ko khabar na ho कभी …
टेढ़ी चाल जमाने की Dedhi chal jamane ki सीधी – सादी पगडंडी पर टेढ़ी चाल जमाने की । एक हक़ीक़त मेरे आगे जिसकी शक्ल कसाई-सी एक हक़ीक़त पीछे …
कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये Kabhi to aasma se chand utare jam ho jaye कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये तुम्हारे नाम …
ग़म छुपाते रहे मुस्कुराते रहे Gham chupate rahe muskurate rahe ग़म छुपाते रहे मुस्कुराते रहे, महफ़िलों-महफ़िलों गुनगुनाते रहे आँसुओं से लिखी दिल की तहरीर को फूल की पत्तियों से …
गुलाबों की तरह दिल अपना Gulabo ki tarha dil apna गुलाबों की तरह दिल अपना शबनम में भिगोते हैं मोहब्बत करने वाले ख़ूबसूरत लोग होते हैं किसी ने जिस …
गाँव मिट जायेगा शहर जल जायेगा Gaun mit jayenga shahar jal jayega गाँव मिट जायेगा शहर जल जायेगा ज़िन्दगी तेरा चेहरा बदल जायेगा कुछ लिखो मर्सिया मसनवी या ग़ज़ल …
बदले सन्दर्भ Badle Sandarbh लोकरीति की पगरैतिन वह अजिया की खमसार कहाँ है हँसी ठहाके बोल बतकही सुन लेते थी कही अनकही- वही भेंट अँकवार कहाँ है लौंग …
दूसरों को हमारी सज़ायें न दे Dusro ko hamari sajaye na de दूसरों को हमारी सज़ायें न दे चांदनी रात को बद-दुआयें न दे फूल से आशिक़ी का …