माँ! यह वसंत ऋतुराज री! Maa yah vasant rituraj ri मह-मह-मह डाली महक रही कुहु-कुहु-कुहु कोयल कुहुक रही संदेश मधुर जगती को वह देती वसंत का आज री! …
वीर तुम बढ़े चलो Veer tum badhe chalo हाथ में ध्वजा रहे बाल दल सजा रहे ध्वज कभी झुके नहीं दल कभी रुके नहीं वीर तुम बढ़े चलो! …
विज्ञान और तकनीकी Vigyan aur Takneek विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नए अविष्कारों ने लोगों की दैनिक जीवन-शैली को आधुनिक और उन्नत बनाने में महान भूमिका निभाई …
मैं सुमन हूँ Me suman hu ग्रीष्म, वर्षा, शीत का अभ्यास मेरा; झेलता हूँ मार मारूत की निरंतर, खेलता यों जिंदगी का खेल हंसकर। शूल का दिन रात …
यदि होता किन्नर नरेश मैं Yadi hota kinnar naresh me सोने का सिंहासन होता, सिर पर मुकुट चमकता। बंदी जन गुण गाते रहते, दरवाजे पर मेरे, प्रतिदिन नौबत …
ईद का त्योहार Eid ka Tyohar प्रत्येक समाज के अपने अलग त्योहार होते हैं और उनका महत्व भी अलग-अलग होता है। लोग अपनी खुशी एकसाथ प्रकट करने के …
चंदा मामा, आ Chanda Mama aa कल से मेरी छुट्टी है ना आये तो कुट्टी है। चंदा मामा खाते लड्डू, आसमान की थाली में। लेकिन वे पीते हैं …
मूलमंत्र Mulmantra मनचाही होती नहीं किसी की। बिना चले कब कहाँ हुई है मंज़िल पूरी यहाँ किसी की।। पर्वत की चोटी छूने को पर्वत पर चढ़ना पड़ता है। …