सांई अवसर के परे Sai asvar ke pare सांई अवसर के परे, को न सहै दु:ख द्वंद। जाय बिकाने डोम घर, वै राजा हरिचंद॥ वै राजा हरिचंद, करैं …
जाने कौन नगर ठहरेंगे Jane kaun nagar thahrenge कुछ छोटे सपनों की ख़ातिर बड़ी नींद का सौदा करने निकल पड़े हैं पाँव अभागे जाने कौन नगर ठहरेंगे वही प्यास …
दौलत पाय न कीजिए Daulat pay na kijiye दौलत पाय न कीजिए, सपनेहु अभिमान। चंचल जल दिन चारिको, ठाउं न रहत निदान॥ ठाउं न रहत निदान, जियत जग …
जब भी मुँह ढक लेता हूँ Jab bhi muh dhak leta hu जब भी मुँह ढक लेता हूँ तेरे जुल्फों के छाँव में कितने गीत उतर आते है मेरे …
खुद को आसान कर रही हो ना Khud ko aasman kar rahi ho na खुद को आसान कर रही हो ना हम पे एहसान कर रही हो ना ज़िन्दगी …
सोना लादन पिय गए Sona Ladan piya gye सोना लादन पिय गए, सूना करि गए देस। सोना मिले न पिय मिले, रूपा ह्वै गए केस॥ रूपा ह्वै गए …
कुछ छोटे सपनो के बदले Kuch chote sapno ke badle कुछ छोटे सपनो के बदले, बड़ी नींद का सौदा करने, निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे ! …
लाठी में गुण बहुत हैं Lathi me gun bahut hai लाठी में हैं गुण बहुत, सदा रखिये संग। गहरि नदी, नाली जहाँ, तहाँ बचावै अंग।। तहाँ बचावै अंग, …