सूर्य ढलता ही नही Surya dhalta hi nahi चाहता हूँ, कुछ लिखूँ, पर कुछ निकलता ही नहीं है दोस्त, भीतर आपके कोई विकलता ही नहीं है! आप बैठे हैं …
मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ Me jise odhta bichata hu मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ एक जंगल है तेरी आँखों में मैं जहाँ राह भूल …
कल फिर सुबह नई होगी Kal fir subah nayi hogi दिन को ही हो गई रात-सी, लगता कालजयी होगी कविता बोली- \”मत उदास हो, कल फिर सुबह नई होगी।\” …
Usain Bolt What Babe Ruth was to baseball and Wilt Chamberlain was to basketball, Usain Bolt is to sprinting. His body, mind and skills function on a level that …
तुलना Tulna गडरिए कितने सुखी हैं । न वे ऊँचे दावे करते हैं न उनको ले कर एक दूसरे को कोसते या लड़ते-मरते हैं। जबकि जनता की सेवा …
एक नीम-मंजरी Ek Neem manjri एक नीम-मंजरी मेरे आँगन झरी काँप रहे लोहे के द्वार। आज गगन मेरे घर झुक गया भटका-सा मेघ यहाँ रुक गया रग-रग में थरथरी …
घंटियों की आवाज़ कानों तक पहुंचती है Ghantiyo ki awaz kano tak pahuchti hai घंटियों की आवाज़ कानों तक पहुँचती है एक नदी जैसे दहानों तक पहुँचती है …
अच्छा लगा Accha laga आज धरती पर झुका आकाश तो अच्छा लगा सिर किये ऊँचा खड़ी है घास तो अच्छा लगा आज फिर लौटा सलामत राम कोई अवध में …