बन जाता दीप्तिवान Ban jata diptivan सूरज सवेरे से जैसे उगा ही नहीं बीत गया सारा दिन बैठे हुए यहीं कहीं टिपिर टिपिर टिप टिप आसमान चूता रहा बादल …
बात की बात Baat ki baat जब हम अपने से ही अपनी बीती कहने लग जाते हैं। तन खोया-खोया-सा लगता मन उर्वर-सा हो जाता है कुछ खोया-सा मिल …
सुनसान शहर Sunsan shahar वहाँ भी जहाँ शीशे की तरह सन्नाटा चटकता है और आसमान से मरी हुई बत्तखें गिरती हैं ।
पर आंखें नहीं भरीं Par aankh nahi bhari सीमित उर में चिर असीम सौन्दर्य समा न सका बीन मुग्ध बेसुथ कुरंग मन रोके नहीं रूका यों तो कई …
अकेले पेड़ों का तूफ़ान Akele pedo ka tufan फिर तेजी से तूफ़ान का झोंका आया और सड़क के किनारे खड़े सिर्फ एक पेड़ को हिला गया शेष पेड़ गुमसुम …
रणभेरी Ranbheri माँ कब से खड़ी पुकार रही पुत्रो निज कर में शस्त्र गहो सेनापति की आवाज़ हुई तैयार रहो , तैयार रहो आओ तुम भी दो आज …
Marie Curie Marie Curie was a physicist and chemist and a pioneer in the study of radiation. She and her husband, Pierre, discovered the elements polonium and radium. Together, …
प्यास के भीतर प्यास Pyas ke bhitar pyas प्यास को बुझाते समय हो सकता है कि किसी घूँट पर तुम्हें लगे कि तुम प्यासे हो, तुम्हें पानी चाहिए फिर …