संकोच-भार को सह न सका Sankoch bhar ko sah na saka संकोच-भार को सह न सका पुलकित प्राणों का कोमल स्वर कह गये मौन असफलताओं को प्रिय आज …
बस इतना–अब चलना होगा Bas itna ap chalna hoga बस इतना–अब चलना होगा फिर अपनी-अपनी राह हमें। कल ले आई थी खींच, आज ले चली खींचकर चाह हमें तुम …
आजकल Aajkal आजकल मैं एक ऐसे जंगल से गुजर रहां हूँ जिसमें एक दरख्त की जड़ें दूसरे दरख्त की जड़ें हैं एक की पत्तियां दूसरे की पत्तियां हैं एक …
आज मानव का सुनहला प्रात है Aaj manav ka sunhala prat hai आज मानव का सुनहला प्रात है, आज विस्मृत का मृदुल आघात है; आज अलसित और मादकता-भरे, …
तीरथराम कभी झूठ नहीं बोलते Tirathram kabhi jhooth nahi bolte तीरथराम कभी झूठ नहीं बोलते! सच के अलावा वे कुछ भी नहीं बोलते! अक्सर वे मेरे यहां आते हैं, …
मानव Manav जब किलका को मादकता में हंस देने का वरदान मिला जब सरिता की उन बेसुध सी लहरों को कल कल गान मिला जब भूले से भरमाए …
गौरैया Goriya कितने अधिकार से फुदकती है गौरैया! घर में आंगन में छज्जे-मुंडेर पर मेरा घर अपना घर समझती है गौरैया! चहचहाती है गौरैया! खिड़की से झांकती है गौरैया! …
Charlie Chaplin Charlie Chaplin was a comic visionary who enjoyed a successful career as an actor, director, writer, and music composer during the silent-movie era. His comic portrayal of …