Tag: Hindi Poems
शिन्नी Shinni कनपटी के पास फूल की तरह खिल गई है वह बोल के भीतर से पैदा होती हुई हवाओं में बिलम्बित के पहले छोर पर सितार की …
नया नर्क Naya nark फिर हुआ पृथ्वी पर एक नए नर्क का निर्माण विपत्ति की चपेट में आई भाषा संकट के घेरे में आई अभिव्यक्ति होंठों से पुतलियों की …
नाम पे मेरे हामी भर थी पर हामी से जल गए लोग Naap pe mere hamai bhar thi par hami se jal gye log नाम पे मेरे हामी भर …
बेटियाँ Betiya छोड़ कर चली जाती है पत्नी प्रेमिकाएँ चली जाती हैं छोड़ कर जब चले जाते हैं छोड़ कर जब दोस्त-यार सारे के सारे बेटियाँ हाथ थाम लेती …
अब भी Ab bhi छिपाने लायक कुछ भी नहीं है फिर भी छिपाते जा रहे हैं हम जैसे प्यार तोड़ने लायक कुछ भी नहीं है फिर भी तोड़ते जा …
काव्य-पाठ Kavya path खूब-खूब हुआ काव्य-पाठ खूब-खूब सराहा गया एक दूसरे को जमकर खूब-खूब जगा और जगाया गया आत्मबोध श्रोता चुपचाप रहे की शायद कहीं हों उनके भी शब्द …
विध्वंस का स्वर्ग Vidhvans ka swarg चिड़िया की चोंच से छिटके दाने की तरह विचार गिरा है भूमि पर अभी-अभी ध्वंस का संकेत पा चुकी है पृथ्वी विस्फोट कितना …
धरे हथेली गाल पर Dhare hatheli gaal par धरे हथेली गाल पर सोच रहा हूँ कल की बातें- गए वर्ष की कुछ तस्वीरें झूल रहीं दीवाल पर! धरे हथेली …