Tag: Hindi Poems
अब तक की यात्रा में Ab tak ki yatra me जल कुम्भी गंगा में बह आई है! यहाँ भला कैसे रह पाएगी हाय, बंधे हुए जल में जो …
तुमने कहाँ लड़ा है कोई युद्ध Tumne kaha lada he koi yudh कमज़ोर घोड़ों पर चढ़कर युद्ध नहीं जीते गए कभी कमज़ोर तलवार की धार से मरते नहीं है …
आपकी नज़रों तक हम पहँचे कुछ मख़सूस ख़यालों से Aapki nazro tak hum pahuche kuch makhsus khyalo se आपकी नज़रों तक हम पहँचे कुछ मख़सूस ख़यालों से लोग तो …
रुत की नई किताब-सी खुलने लगी है वह Rut ki nai kitab si khulne lagi he vah गर्मी की दोपहर का रंग ज़िस्म पर लिए ख़ुशबू की तरह …
हस्ती को हसरत की नई रह गुज़र करो Hasti ko hasrat ki nai rah guzar karo हस्ती को हसरत की नई रह गुज़र करो सूरज ढलान पर है शमआ …
हर ज़र्रा यहाँ शोला दहन है कि नहीं? है Har Zarra yaha shoal dahan he ki nahi he हर ज़र्रा यहाँ शोला दहन है कि नहीं? है अब वक़्त …
इस मौसम में! Is mausam me इस मौसम में कुछ ज़्यादा ही तनातनी है। सच है स्याह सफ़ेद झूठ यह आखिर क्या है? धर्मयुद्ध है या जेहाद है या …
अक्षरा से Akshara se अरी अक्षरा तू है बढ़ी उम्र का गीत सुनहरा मेरे उजले केश किंतु, इनसे उजली तेरी किलकारी तेरे आगे फीकी लगती चाँद-सितारों की उजियारी कौन …