Tag: Hindi Poems
नदी-सा बहता हुआ दिन Nadi sa bahta hua din कहाँ ढूँढ़ें– नदी-सा बहता हुआ दिन । वह गगन भर धूप सेनुर और सोना, धार का दरपन भँवर का फूल …
धूप के लिए Dhoop ke liye अब बहुत छलने लगी है छाँव चलो, चलकर धूप के हो लें! थम नहीं पाते कहीं भी पाँव मानसूनी इन हवाओं के हो …
चेतावनी Chetavni ख़बरदार ‘राजा नंगा है‘… मत कहना राजा नंगा है तो है इससे तुमको क्या सच को सच कहने पर होगी घोर समस्या सभी सयाने चुप हैं तुम …
सूने घर में Sune ghar me सूने घर में कोने-कोने मकड़ी बुनती जाल अम्मा बिन आँगन सूना है बाबा बिन दालान चिट्ठी आई है बहिना की साँसत में है …
शुभकामनाएँ Shubhkamnaye नये साल की शुभकामनाएँ! खेतों की भेड़ों पर धूल-भरे पाँव को, कुहरे में लिपटे उस छोटे-से गाँव को, नए साल की शुभकामनाएँ! जाते के गीतों को, बैलों …
विवशता Vivashta कितना चौड़ा पाट नदी का कितनी भारी शाम कितने खोये खोये से हम कितना तट निष्काम कितनी बहकी बहकी-सी दूरागत वंशी टेर कितनी टूटी-टूटी-सी नभ पर विहंगो …
व्यंग्य मत बोलो Vyang mat bolo व्यंग्य मत बोलो। काटता है जूता तो क्या हुआ पैर में न सही सिर पर रख डोलो। व्यंग्य मत बोलो। अंधों का …
रात में वर्षा Raat me varsha मेरी साँसों पर मेघ उतरने लगे हैं, आकाश पलकों पर झुक आया है, क्षितिज मेरी भुजाओं में टकराता है, आज रात वर्षा होगी। …