Tag: Hindi Poems
तुम्हारे लिए Tumhare liye काँच की बन्द खिड़कियों के पीछे तुम बैठी हो घुटनों में मुँह छिपाए। क्या हुआ यदि हमारे-तुम्हारे बीच एक भी शब्द नहीं। मुझे जो कहना …
एक सूनी नाव Ek suni naav एक सूनी नाव तट पर लौट आई। रोशनी राख-सी जल में घुली, बह गई, बन्द अधरों से कथा सिमटी नदी कह गई, रेत …
जब भी Jab bhi जब भी भूख से लड़ने कोई खड़ा हो जाता है सुन्दर दीखने लगता है। झपटता बाज, फन उठाए सांप, दो पैरों पर खड़ी कांटों …
भेड़िए की आंखें सुर्ख हैं Bhediye ki aankhe surkh he भेड़िए की आंखें सुर्ख हैं। उसे तबतक घूरो जब तक तुम्हारी आंखें सुर्ख न हो जाएं। और तुम कर …
घन्त मन्त दुई कौड़ी पावा Ghant mant dui kodi pava घन्त मन्त दुई कौड़ी पावा कौड़ी लै के दिल्ली आवा, दिल्ली हम का चाकर कीन्ह दिल दिमाग भूसा भर …
रंग तरबूजे का Rang tarbuje ke रंग तरबूजे का महक खरबूजे की! रो-गाकर आजादी लाए पहन लंगोटी खादी, चार कदम भी चल नहीं पाए इतनी चढ़ गई बादी रंग …
प्यार:एक छाता Pyar ek chata विपदाएँ आते ही, खुलकर तन जाता है हटते ही चुपचाप सिमट ढीला होता है; वर्षा से बचकर कोने में कहीं टिका दो, प्यार एक …
नए साल की शुभकामनाएं ! Naye saal ki shubhkamnaye नए साल की शुभकामनाएँ! खेतों की मेड़ों पर धूल भरे पाँव को कुहरे में लिपटे उस छोटे से गाँव को …