Tag: Hindi Poems
रिश्ते की खोज Rishte ki khoj मैंने तुम्हारे दुख से अपने को जोड़ा और – और अकेला हो गया । मैंने तुम्हारे सुख से अपने को जोड़ा और – …
बतूता का जूता Batuta ka juta जब सब बोलते थे वह चुप रहता था जब सब चलते थे वह पीछे हो जाता था जब सब खाने पर टूटते थे …
पिछड़ा आदमी Pichda aadmi जब सब बोलते थे वह चुप रहता था, जब सब चलते थे वह पीछे हो जाता था, जब सब खाने पर टूटते थे वह अलग …
सूरज को नही डूबने दूंगा Suraj ko nahi dubne dunga अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूंगा। देखो मैंने कंधे चौड़े कर लिये हैं मुट्ठियाँ मजबूत कर ली हैं …
शाम-एक किसान Sham ek kisan आकाश का साफ़ा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़, घुटनों पर पड़ी है नही चादर-सी, पास ही दहक रही है पलाश के …
मुक्ति की आकांक्षा Mukti ki aakanksha चिडि़या को लाख समझाओ कि पिंजड़े के बाहर धरती बहुत बड़ी है, निर्मम है, वहाँ हवा में उन्हेंर अपने जिस्मब की गंध …
जड़ें Jade जड़ें कितनी गहरीं हैं आँकोगी कैसे? फूल से? फल से? छाया से? उसका पता तो इसी से चलेगा आकाश की कितनी ऊँचाई हमने नापी है, धरती पर …
मेघ आए Megh aaye मेघ आए बड़े बन-ठन के, सँवर के । आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगीं गली-गली पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के । …