Tag: Hindi Poems
रिश्ते Rishte खुद कपड़े पहने दूसरे को कपड़े पहने देखना खुद कपड़े पहने दूसरे को कपड़े न पहने देखना खुद कपड़े न पहने दूसरे को कपड़े न पहने देखना …
तुमसे अलग होकर Tumse alag hokar तुमसे अलग होकर लगता है अचानक मेरे पंख छोटे हो गए हैं, और मैं नीचे एक सीमाहीन सागर में गिरता जा रहा हूँ। …
तुम्हारे साथ रहकर Tumhare saath rahkar तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गयी हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर …
अँधेरे का मुसाफ़िर Andhere ka musafir यह सिमटती साँझ, यह वीरान जंगल का सिरा, यह बिखरती रात, यह चारों तरफ सहमी धरा; उस पहाड़ी पर पहुँचकर रोशनी पथरा गयी, …
अजनबी देश है यह Ajnabi desh he yah अजनबी देश है यह, जी यहाँ घबराता है कोई आता है यहाँ पर न कोई जाता है जागिए तो यहाँ मिलती …
कितना अच्छा होता है Kitna accha hota he एक-दूसरे को बिना जाने पास-पास होना और उस संगीत को सुनना जो धमनियों में बजता है, उन रंगों में नहा जाना …
अक्सर एक व्यथा Aksar ek vyatha अक्सर एक गन्ध मेरे पास से गुज़र जाती है, अक्सर एक नदी मेरे सामने भर जाती है, अक्सर एक नाव आकर तट से …
सुर्ख़ हथेलियाँ Surkh hatheliya पहली बार मैंने देखा भौंरे को कमल में बदलते हुए, फिर कमल को बदलते नीले जल में, फिर नीले जल को असंख्य श्वेत पक्षियों में, …