Tag: Hindi Poems
फसल Fasal हल की तरह कुदाल की तरह या खुरपी की तरह पकड़ भी लूँ कलम तो फिर भी फसल काटने मिलेगी नहीं हम को । हम तो ज़मीन …
सुरों के सहारे Suro ke sahare दूर दूर तक सोयी पड़ी थीं पहाड़ियाँ अचानक टीले करवट बदलने लगे जैसे नींद में उठ चलने लगे। एक अदृश्य विराट हाथ बादलों-सा …
जाड़े की धूप Jade kid hoop बहुत दिनों बाद मुझे धूप ने बुलाया ताते जल नहा पहन श्वेत वसन आयी खुले लान बैठ गयी दमकती लुनायी सूरज खरगोश धवल …
दिवंगत पिता के प्रति Divangat pita ke prati सूरज के साथ-साथ सन्ध्या के मंत्र डूब जाते थे, घंटी बजती थी अनाथ आश्रम में भूखे भटकते बच्चों के लौट आने …
आज पहली बार Aaj Pahli bar आज पहली बार थकी शीतल हवा ने शीश मेरा उठा कर चुपचाप अपनी गोद में रक्खा, और जलते हुए मस्तक पर काँपता सा …
चमक Chamak चित्रकार जगदीश स्वामीनाथन के प्रति स्नेह और श्रद्धा के साथ चमक है पसीने की कसी हुई मांसपेशियों पर, चमक है ख़्वाबों की तनी हुई भृकुटी पर । …
पहाड़ Pahad चित्रकार जगदीश स्वामीनाथन के प्रति स्नेह और श्रद्धा के साथ भय से मुक्त किया तुमने पर आशंका से नहीं । जाने कब पहाड़ यह, संतुलन बिगड़े जा …
हरा और पीला Hara aur pila चित्रकार जगदीश स्वामीनाथन के प्रति स्नेह और श्रद्धा के साथ फैले हरे पर क्यों सिमटी पीली रेखा – मैंने ख़ुद को तुम्हारी आँखों …