Tag: Hindi Poems
सुबहे-नौरोज़ Subhe noroz फूट पड़ी मशरिक से किरने हाल बना माज़ी का फ़साना, गूंजा मुस्तकबिल का तराना भेजे हैं एहबाब ने तोहफ़े, अटे पड़े हैं मेज़ के कोने दुल्हन …
इस तरफ से गुज़रे थे काफ़िले बहारों के Ek taraf se gujre the kafile baharo ke इस तरफ से गुज़रे थे काफ़िले बहारों के आज तक सुलगते हैं ज़ख्म …
कुछ कत’ए Kuch ktaye चन्द कलियाँ निशात की चुनकर मुद्दतों मह्वे-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ तपते दिल पर …
एक मुलाक़ात Ek mulakat तिरी तड़प से न तड़पा था मेरा दिल,लेकिन तिरे सुकून से बेचैन हो गया हूँ मैं ये जान कर तुझे जाने कितना ग़म पहुचें कि …
देखा तो था यूं ही Dekha to tha yu hi देखा तो था यूं ही किसी ग़फ़लत–शिआर ने दीवाना कर दिया दिले–बेइख़्तियार ने ऐ आर्ज़ू के धुंधले ख्वाबों! जवाब …
शिकस्त Shikast अपने सीने से लगाये हुये उम्मीद की लाश मुद्दतों ज़ीस्त1 को नाशाद2 किया है मैनें तूने तो एक ही सदमे से किया था दो चार दिल को …
हिरास Hiras तेरे होंठों पे तबस्सुम की वो हलकी-सी लकीर मेरे तख़ईल में रह-रह के झलक उठती है यूं अचानक तिरे आरिज़ का ख़याल आता है जैसे ज़ुल्मत में …
फ़रार Farar अपने माज़ी के तसव्वुर से हिरासांहूँ मैं अपने गुज़रे हुए ऐयाम से नफरत है मुझे अपनी बेकार तमन्नाओं पे शर्मिंदा हूँ अपनी बेसूद उम्मीदों पे नदामत है …