Tag: Hindi Poems
आज Aaj साथियो! मैंने बरसों तुम्हारे लिए चाँद, तारों, बहारों के सपने बुने हुस्न और इश्क़ के गीत गाता रहा आरज़ूओं के ऐवां सजाता रहा मैं तुम्हारा मुगन्नी, तुम्हारे …
ख़ून फिर ख़ून है Khun fir khun he ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा तुमने जिस ख़ून …
एक मुलाक़ात Ek Mulakat तिरी तड़प से न तड़पा था मेरा दिल,लेकिन तिरे सुकून से बेचैन हो गया हूँ मैं ये जान कर तुझे जाने कितना ग़म पहुचें कि …
सदियों से इन्सान यह सुनता आया है Sadiyo se insane yah suntan aaya he सदियों से इन्सान यह सुनता आया है दुख की धूप के आगे सुख का साया …
ऐसा वर दे! Esa var de अनगढ़ वाणी को हे स्वरदेवी, अपना स्वर दे! भीतर-बाहर घना अँधेरा दूर-दूर तक नहीं सबेरा दिशाहीन है मेरा जीवन ममतामयी, उजाला भर …
ज़िन्दगी से उन्स है Zindagi se uns he ज़िन्दगी से उन्स है, हुस्न से लगाव है धड़कनों में आज भी इश्क़ का अलाव है दिल अभी बुझा नहीं, रंग …
गली की धूल Gali ki dhoop किया जिसने विखंडित घर न भर पाती हमारे प्यार की गगरी पिता हैं गाँव तो हम हो गए शहरी गरीबी में जुड़े …
सांझ की लाली सुलग-सुलग कर Sanjh ki lali sulag sulag kar सांझ की लाली सुलग-सुलग कर बन गई काली धूल आए न बालम बेदर्दी मैं चुनती रह गई फूल …