Tag: Hindi Poems
माँ Maa खुशियों की क्रीम परसने को दुःखों का दही बिलोती है पूरे अनुभव एक तरफ हैं मइया के अनुभव के आगे जब भी उसके पास गए हम …
पिता Pita मैं रोया तो मुझे चुपाया ‘बिल्ली आई’ कह बहलाया मुश्किल में जीवन जीने की- कला सिखाए पिता हमाए नदिया में मुझको नहलाया झूले में मुझको झुलवाया …
टुकड़ा काग़ज़ का Tukda kagaz ka उड़ता जाए टुकड़ा कागज़ का कभी पेट की चोटों को आँखों में भर लाता कभी अकेले में भीतर की टीसों को गाता …
हर चीज़ ज़माने की जहाँ पर थी Har cheej jamane ki jaha par thi हर चीज़ ज़माने की जहाँ पर थी वहीं है, एक तू ही नहीं है नज़रें …
विज्ञापन की चकाचौंध Vigyapan ki chakachondh कहता कोई विज्ञापन के पर्चों से हम जिसका निर्माण करेंगे तेरी वही जरूरत होगी जस-जस सुरसा बदनु बढ़ावा तस-तस कपि की मूरत …
मादाम Madam आप बेवजह परेशान-सी क्यों हैं मादाम? लोग कहते हैं तो फिर ठीक ही कहते होँगे मेरे अहबाब ने तहज़ीब न सीखी होगी मेरे माहौल में इन्सान न …
केशव मेरे Keshav mere जितना, जो भी तुमको पाना सखा सहज तुम केशव मेरे हर पल यह मन तुमको टेरे लगे अधूरा, जीवन का तुम बिन हर गाना …
श्रम की मंडी Shram ki mandi ढीला कालू मुट्ठी- झरती बालू तीन दिनों से आटा गीला हुआ भूख से बच्चा पीला जो भी देखे घूरे ऐसे ज्यों शिकार …