Tag: Hindi Poems
कैटवाक Catwalk चिड़िया रानी सुना रही है फाग कैटवाक करती सड़कों पर पढ़ी-पढ़ाई चिड़िया रानी उघरी हुई देह के जादू- से इतराई चिड़िया रानी पॉप धुनों पर थिरके …
आओ कि कोई ख़्वाब बुनें Aao ki koi khwab bune आओ कि कोई ख़्वाब बुनें कल के वास्ते वरना ये रात आज के संगीन दौर की डस लेगी जान-ओ-दिल …
चिड़ियारानी Chitiyarani धरे कानों पर चिड़ियाँ बैठीं क्या बतियाएँ बात-बात में खुश हो जाना जरा देर में ख़ुद चिढ़ जाना अपनी-उनकी, उनकी-अपनी जाने कितनी कथा सुनाना एक दिवस …
किसी को उदास देख कर Kisi ko udas dekha kar तुम्हें उदास सा पाता हूँ मैं काई दिन से ना जाने कौन से सदमे उठा रही हो तुम वो …
बच्चा सीख रहा Bacha Sikha raha टी.वी. से अच्छे होते हैं ये दाग़ टॉफी, बिस्कुट, पर्क, बबलगम खिला-खिला कर मारी भूख माँ भी समझ नहीं पाती है कहाँ …
अपने माज़ी के तसव्वुर से हिरासा हूँ मैं Apne maji ke tasavur se hirasa hu me अपने माज़ीके तसव्वुर से हिरासा हूँ मैं अपने गुज़रे हुए अय्यम से नफ़रत …
एक तिनका हम Ek Tinka hum हमारा क्या वज़न हम पराश्रित वायु के चंद पल हैं आयु के एक पल अपना ज़मीं है दूसरा पल है गगन ईंट …
भड़का रहे हैं आग लब-ए-नग़्मागार से हम Bhadka rahe he aag lab e namagar se hum भड़का रहे हैं आग लब-ए-नग़्मागार से हम| ख़ामोश क्या रहेंगे ज़माने के डर …