Tag: Hindi Poems
मायूस तो हूं वायदे से तेरे Mayus to hu vayade se tere मायूस तो हूं वायदे से तेरे, कुछ आस नहीं कुछ आस भी है. मैं अपने ख्यालों के …
विज्ञापन Vigyapan लोग यहाँ पर विज्ञापन की गोली एक मिनट में दिख जाती है दुनिया कितनी गोल तय होता है कहाँ -कहाँ कब किसका कितना मोल जाने कितने …
मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए Me jindau hu ye mushthar kijiye मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है …
कब तक? Kab Tak? कपटी शकुनी से हार वरूँ मैं कब तक? कहो, तात- विपरीत तटों का सेतु बनूँ मैं कब तक? इनका-उनका बोझा-बस्ता पीठ धरूँ मैं कब …
तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा Tu Hindu banege na Musalman banega तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा इन्सान की औलाद है इन्सान बनेग कुदरत ने तो बनाई थी …
धूप आँगने आई Dhoop Angne aayi मन में जाने कब से चाह रहा था खुलना-खिलना अपने ढब से दी झनकार सुनाई खुलीं खिड़कियाँ दरवाज़े जागे परकोटे चिड़ियाँ छोटीं …
न तो कारवाँ की तलाश है Na to karva ki talash he ना तो कारवाँ की तलाश है, ना तो हमसफ़र की तलाश है मेरे शौक़-ए-खाना खराब को, तेरी …
हम बंजारे Hum Banjare मारे-मारे फिरते-रहते गली-गली जलती भट्ठी तपता लोहा नए रंग ने है मन मोहा चाहें जैसा मोड़ें वैसा धरे निहाई अली-बली नए-नए- औज़ार बनाएँ नाविक …