Tag: Hindi Poems
मैंने तुझे माँगा तुझे पाया है Mene tujhe manga tujhe paya he मैंने तुझे माँगा तुझे पाया है तूने मुझे माँगा मुझे पाया है आगे हमें जो भी मिले …
नीड़ बुलाए Nid bulaye वापस आओ सूना नीड़ बुलाए फूली सरसों खेत हमारे रंगहीन है बिना तुम्हारे छत पर मोर नाचने आता सुगना शोर मचाए आँचल-धानी तुमको हेरे …
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ Kah du tumhe ya chup rahu कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ दिल में मेरे आज क्या है कह दूँ तुम्हें या चुप …
बिना बताए कहाँ गए Bin bataye kaha gye तुम बिन मेरे पिंजरे में दिन-रात रजनीगन्धा दहे रात भर जागे-हँसे चमेली देह हुई निष्पंद कि जैसे सूनी खड़ी हवेली …
मेरे दिल में आज क्या है Mere dil me aaj kya he मेरे दिल में आज क्या है तू कहे तो मैं बता दूँ तेरी ज़ुल्फ़ फिर सवारूँ तेरी …
गगन में बदरा Gagan me Badra आये बदरा छाये आते ही झट लगा खेलने सूरज आँख-मिचौनी घुले-मिले तो ऐसे-जैसे मिसरी के संग नैनी बाट जोहते रहे बटोही धूप-छाँव …
दिल जो न कह सका वही राज़-ए-दिल Dil jo na kah saka vahi raz e dil दिल जो ना कह सका वोही राज़-ए-दिल कहने की रात आई दिल जो …
गौरैया Goreya नहीं दीखती अब गौरैया गाँव-गली-घर या शहरों में छत-मुँडेर पर, गाँव-खेत में चिड़ीमार ने जाल बिछाए पकड़-पकड़ कर, पिंजड़ों में धर चिड़ियाघर में उसको लाए सुधिया …