Tag: Hindi Poems
समय आ गया Samay aa gya उभरी साँटें बहुत दर्द है गुड़ने का पैनी धारों वाले मंजे छुप बैठे डोर-पतंगो में उड़ता हुआ और को देखा जा काटा …
जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात Zindagi bhar nahi bhulegi vo barsat ki raat ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात एक अनजान हसीना से मुलाक़ात …
दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें Duniya kare sawal to ham kya jawab de दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें तुमको न हो ख़याल तो …
बरसाने की होली में Barsane ki holi me बजीं तालियाँ बरसाने की होली में बजे नगाड़े ढम-ढम-ढम-ढम चूड़ी खन-खन, पायल छम-छम सिर-टोपी पर भँजीं लाठियाँ ठुमके ग्वाले तक-धिन-तक-धिन …
मतलब निकल है तो, पहचानते नहीं Matalab nikal he to pehchante nahi मतलब निकल गया है तो, पहचानते नहीं यूँ जा रहे हैं जैसे हमें, जानते नहीं अपनी गरज़ …
हुआ प्रवासी Hua Pravasi गंगावासी अब कितना घर का, गाँव का कॉलेज टॉप किया ज्यों ही वह गया गाँव से अमरीका जाते ही तब छूट गया सब- आँचल, …
फिर महकी अमराई Phir mahki amrai कोयल की ऋतु आई नए-नए बौरों से डाल-डाल पगलाई! एक प्रश्न बार-बार पूछता है मन उघार तुम इतना क्यों फूले? नई-नई गंधों …
गैरों पे करम, अपनों पे सितम Gero pe karm,, apno pe sitam ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम, ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर रहने दे अभी थोड़ा सा …